आवाज़ बता सकती है, आप बीमार पड़ने वाले हैं

  • 18 जनवरी 2017
इमेज कॉपीरइट Thinkstock
Image caption आवाज़ के विश्लेषण से रोग का समय से पहले पता चल सकता है

आपकी आवाज़ बता सकती है कि आप बीमार पड़ने वाले हैं. इसका अध्ययन करने से यह भी पता चल सकता है कि आपको कौन सा रोग होने वाला है.

अमरीका की एक स्टार्ट अप कंपनी 'कैनरी स्पीच' आवाज़ का विश्लेषण कर न्यूरोलोजिकल और दूसरी तरह के रोगों के बारे में पता लगाने की तकनीक विकसित कर रही है.

इस तकनीक से पार्किन्संस डिज़ीज़ से लेकर उन्माद जैसे कई रोगों का समय से पहले पता लगाया जा सकता है.

ख़ून की जांच से पता चलेगी दिल की बीमारी

बेटा कैसे पैदा हो, अख़बार दे रहा है सलाह!

आईएस ने किया स्वास्थ्य सेवाओं का विज्ञापन

इसकी शुरुआत कंपनी के संस्थापक हेनरी ओ कॉनल के निजी अनुभव से हुई.

इमेज कॉपीरइट Thinkstock

कॉनल के एक बहुत ही पुराने दोस्त का छह साल से पार्किन्संस का इलाज चल रहा था. यह पाया गया था कि उन्हें यह रोग शायद दस साल पहले से ही था.

कॉनल ने कहा, "मेरे दोस्त की बीमारी का सही सही पता चला, उसके पहले उन्हें मांसपेशियों और नसों में दर्द होता रहता था. उनका कई बार इलाज भी किया गया था."

उन्होंने आगे जोड़ा, "मांसपेशियों और नसों का दर्द धीरे धीरे बढ़ रहे पार्किन्संस से जुड़ा हुआ था. यह बीमारी पकड़ में नहीं आई, लिहाज़ा, उनका ठीक इलाज नहीं किया जा सका और ज्यादा तेज़ी से बढ़ गया."

इमेज कॉपीरइट Thinkstock
Image caption आवाज़ बता सकती है उन्माद और पर्किसन्स डिज़ीज़ के शुरुआती लक्षण

कैनरी स्पीच ने अल्ज़ाइमर्स डिज़ीज़, उन्माद और पर्किन्संस डिज़ीज़ से पीड़ित लोगों की आवाज़ों का अध्ययन कर एक एल्गोरिथम बनाया.

होने वाली बीमारी के पहले और बीमारी के पकड़ में आने के बाद होने वाले लक्षणों का पता इससे लगाया जा सकता है. इसमें इस्तेमाल होने वाले शब्द, मुहावरे और बोलचाल की गुणवत्ता का अध्ययन किया जा सकता है.

इस अध्ययन के आधार पर कई तरह की बीमारियों के लक्षणों का पहले ही पता लगाया जा सकता है.

उदाहरण के लिए, बीमारी का एक लक्षण यह है कि आवाज़ धीमी हो जाती है. बीमार पड़ने वाले इंसान के नज़दीक के लोगों की निगाह से भी यह बच सकता है. पर कैनरी स्पीच का सॉफ़्टवेअर आवाज़ में होने वाले निहायत ही मामूली अंतर को भी पकड़ लेगा.

इमेज कॉपीरइट PA

कुल मिला कर मक़सद यह है कि रोग के लक्षण समय से पहले ही दिख जाएं.

शुरुआती ट्रायल में रोगी और उसकी जांच करने वालों के वास्तविक बातचीत का विश्लेषण किया गया था.

इंग्लैड के राष्ट्रीय स्वास्थ्य सेवा में रोग की जांच के प्रमुख टोनी यंग ने कहा, "स्वास्थ्य सेवा में आर्टफ़िशियल इंटेलीजेंस और मशीन की मुख्य भूमिका होगी."

(बीबीसी हिन्दी के एंड्रॉएड ऐप के लिए आप यहां क्लिक कर सकते हैं. आप हमें फ़ेसबुक और ट्विटर पर फ़ॉलो भी कर सकते हैं.)