अपने पसीने से जानिए कि डायबिटीज़ तो नहीं

  • 16 मार्च 2017
डायबिटीज़ इमेज कॉपीरइट Getty Images

वैज्ञानिकों ने एक सेंसर विकसित किया है जिससे पसीने वाली त्वचा के विश्लेषण से ख़ून में शुगर के स्तर का पता लगाया जा सकता है.

और इसके लिए पसीने की बहुत थोड़ी मात्रा ही पर्याप्त है.

दक्षिण कोरिया में वैज्ञानिकों की एक टीम ने दिखाया कि सेंसर इस मामले में बिल्कुल माकूल है और उनका मानना है कि इससे डायबिटीज़ से पीड़ित मरीज़ों को मदद मिलेगी. सेंसर एक पैच के ज़रिए एक छोटे निडल से जु़ड़ा है. यह डायबिटीज़ की दवाई को अपने आप भीतर पहुंचा देता है.

देर से मेनोपॉज़ से डायबिटीज़ का बढ़ता ख़तरा

इमेज कॉपीरइट Getty Images

सोल यूनिवर्सिटी की यह टीम डायबिटीज़ के मरीजों को 'दर्द भरे ब्लड कलेक्शन' के तरीकों से निजात दिलाने की कोशिश में जुटा था.

डायबिटीज़ है, तो किडनी टेस्ट कराना न भूलें

  • एक डायबिटीज़ इम्युन सिस्टम (रोग प्रतिरोधक क्षमता) की उस प्रवृत्ति के कारण होता है जिसमें वह ख़ून में शुगर को नियंत्रित रखने वाले हिस्सों पर हमला करता है.
  • एक डायबिटीज़ अनियमित जीवन शैली के कारण होता है जिससे शरीर की उन क्षमताओं को नुक़सान पहुंचता है जिनसे ख़ून में शुगर का स्तर नियंत्रित रहता है.
इमेज कॉपीरइट HYUNJAE LEE AND CHANGYEONG SONG

इन दोनों तरह के डायबिटीज़ में मरीज़ों को ख़ून में शुगर के स्तर को दवाई से नियंत्रित करके रखना होता है. इसमें लापरवाही से शरीर को इतना नुक़सान पहुंचता है कि इंसान की मौत तक हो जाती है.

डायबिटीज़ के मरीज़ों के लिए नई उम्मीद

सेंसर इस तरह से मदद करता है

सेंसर बहुत लचीला होता है इसलिए इसे त्वता के साथ खिसकाना आसान होता है. हालांकि इस मामले में वैज्ञानिकों की चुनौतियां अभी ख़त्म नहीं हुई हैं. ख़ून में जितनी शुगर होती है उसके मुक़ाबले पसीने में काफी कम होती है. ऐसे में शुगर का पता लगाना आसान नहीं होता है. पसीने में कई तरह के केमिकल्स भी होते हैं. इन केमिकल्स में लेक्टिक ऐसिड होता है जो नतीजे को प्रभावित करता है.

इमेज कॉपीरइट HYUNJAE LEE AND CHANGYEONG SONG

ऐसे में पैच में तीन सेंसर हैं जिनसे ख़ून में शुगर के स्तर का पता लगाया जाता है. पसीने में एसिडिटी की जांच और एक ह्यूमडिटी सेंसर से पसीने के स्तर का पता लगाया जाता है. इन सभी को छिद्रपूर्ण परतों में लगाया जाता है जो पसीने को सोखने में सक्षम होते हैं. इस प्रक्रिया में सारी सूचना एक पोर्टेबल कंप्यूटर के ज़रिए मिलती और इसी से ख़ून में शुगर से स्तर का पता चलता है.

(बीबीसी हिन्दी के एंड्रॉएड ऐप के लिए आप यहां क्लिक कर सकते हैं. आप हमें फ़ेसबुक और ट्विटर पर फ़ॉलो भी कर सकते हैं.)

बीबीसी न्यूज़ मेकर्स

चर्चा में रहे लोगों से बातचीत पर आधारित साप्ताहिक कार्यक्रम

सुनिए

मिलते-जुलते मुद्दे