जहां हस्तमैथुन पर बहस कर रहे हैं लाखों लोग

  • अनीसा सूबेदार
  • बीबीसी ट्रेंडिंग
नोफैफ

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एक ऑनलाइन कम्युनिटी में उन पुरुषों की संख्या लगातार बढ़ रही है जो न केवल सेक्स बल्कि हस्तमैथुन से भी परहेज करने का कैंपेन चला रहे हैं.

इस कम्युनिटी में सदस्यों की संख्या दो लाख 30 हज़ार हो गई है. NoFap रेडिट की एक कम्युनिटी बेस्ड साइट है. इससे वे लोग जुड़े हुए हैं जो हस्तमैथुन से बचना चाहते हैं.

इनमें से कई लोग 'सुपरपावर' हासिल करने की बात कर रहे हैं और लोगों को चेतावनी दे रहे हैं कि पोर्न और सेक्स की लत ख़तरनाक हो सकती है.

यहां पढ़े-लिखे मेडिकल विशेषज्ञों के माध्यम से सलाह भी दी जा रही है. फ़ैप (fap) शब्द का इस्तेमाल हस्तमैथुन के पर्यायवाची के रूप में किया जा रहा है. साल 1999 में इसे जापानी कॉमिक से लिया गया था.

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पोर्नोग्राफ़ी, मास्टर्बेशन और ऑर्गेज़म

साल 2011 में नोफ़ैप (NoFap) कम्युनिटी शुरू की गई थी. इसकी शुरुआत से ही सदस्यों की संख्या लगातार बढ़ती गई. इनमें से कई सदस्य ख़ास धार्मिक समूहों से जुड़े हैं. कई मामलों में यह अभियान ऑनलाइन हेल्थ समस्याओं से निदान पाने का ज़रिया भी बन गया है.

ज़ाहिर है दुनिया भर में लोग सेक्स और हस्तमैथुन जैसी चीज़ों पर बात करने से बचते हैं. ऐसे में नोफैप सबरेडिट को दुनिया भर से बड़ी संख्या में लोगों को इस मंच पर लाने में कामयाबी मिली है. यहां ग्रुप मेंबर अपनी पहचान बताए बिना भी इन मामलों पर खुलकर बातचीत करते हैं. लोग यहां पूछते हैं कि हस्तमैथुन से कैसे बचा जाए. यहां लोग एक दूसरे को सलाह देते हैं.

एक संदेश किसी ने भेजा है: ''अगर आप बिना किए दिन की शुरुआत करते हैं और दूसरे दिन भी ऐसा ही करते हैं तो आख़िरकार आप इन चीज़ों से बचने में सफल हो जाते हैं.''

इस मंच पर अक्सर जिन मुद्दों पर बात होती हैं वे हैं- पोर्नोग्राफ़ी, मास्टर्बेशन और ऑर्गेज़म. इसे यहां पीएमओ कहा जाता है.

ऊर्जावान, केंद्रित और रचनात्मक

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इस फोरम का कहना है कि पीएमओ से बचने के कारण शरीर में टेस्टास्टरोन का स्तर बढ़ता है और इससे इंसान की ताक़त नष्ट होने से बच जाती है.

एक सब्स्क्राइबर ने यहां एक पोस्ट लिखी है- पहली बार दो हफ़्ते तक परहेज कीजिए...और मेरा मानना है कि हमलोग के पास ख़ुद को ऊर्जावान, केंद्रित और रचनात्मक बनाने की क्षमता है. पीएमओ हमारी इच्छाओं को ख़त्म कर देता है और यही कारण है कि यह हमारे लिए जहरीला है.

नोफैप के संस्थापक अलेक्जेंडर रोडेज का कहना है कि सुपरपावर के आइडिया को हूबहू नहीं लेना चाहिए.

अलेक्जेंडर ने बीबीसी ट्रेंडिंग रेडियो से कहा, ''हमलोग बात कर रहे हैं कि अगर आप उत्तेजनाओं के अधीन ना हों तो वह कौन सी चीज़ है जो सेक्स के बजाय स्क्रीन पर तस्वीर देखने को प्राथमिकता देती है. सुपरपावर साधारण अवस्था में लौटती है. इससे आपका आत्मविश्वास बढ़ता है, खाली वक़्त मिलता है या ऊर्जा की वापसी हो सकती है.''

हालांकि कई लोग इस अभियान पर सवाल खड़े कर रहे हैं. इनका कहना है कि पोर्न और हस्तमैथुन से लोगों को अलग नहीं किया जा सकता है. नोफैप यूजर्स को पोर्न की लत को लेकर यक़ीन दिलवाया गया है.

मुहिम से असहमति

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हालांकि कई लोग अब भी इस अभियान को लेकर सहमत नहीं हैं. उनका मानना है कि यह कोई बीमारी नहीं है जिसे ठीक करने की बात कही जा रही है.

पोर्न और सेक्स की लत को अब भी इलाज के दायरे में नहीं रखा गया है. हालांकि कुछ रिसर्च में बताया गया है कि पोर्न मस्तिष्क को ड्रग्स या शराब की तरह प्रभावित करता है.

पाउला हॉल, सेक्स ऑर पोर्न की लत से पीड़ित लोगों का इलाज करती हैं. वो मनोचिकित्सक हैं. पाउला का मानना है कि हस्थमैथुन से परहेज लंबे समय के लिए समाधान नहीं है. उन्होंने कहा कि हस्तमैथुन से पूरी तरह से परहेज काफ़ी मुश्किल है और यह निराश करने वाला है.

पाउला कहती हैं, ''असली बात समझने की ज़रूरत है कि सभी तरह की लत का संबंध व्यवहारों में विचलन से है. हर लत आपके व्यवहार से संचालित होती है.''

नोफैप के संस्थापक अलेक्जेंडर रोडेज कहते हैं कि नोफैप में लोगों की बढ़ती संख्या इस बात का प्रमाण है कि पुरुष, इंटरनेट पोर्नोग्राफ़ी की लत से जूझ रहे हैं. उन्होंने कहा कि नोफैप लोगों की यौन आदतों से जुड़ी समस्याओं को ख़त्म करने की कोशिश कर रहा है.

अलेक्जेंडर ने कहा, ''हमारे पास कोई एकीकृत लक्ष्य नहीं है. कुछ लोग हस्तमैथुन करना चाहते हैं तो कुछ लोग नहीं करना चाहते हैं. इस पर लोगों की अलग-अलग राय है.''

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