105 साल में पहली बार साइंस कांग्रेस स्थगित

  • 21 दिसंबर 2017
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भारतीय विज्ञान कांग्रेस अनिश्चितकाल के लिए स्थगित कर दिया गया है. 105 साल के इतिहास में ऐसा पहली बार हुआ है.

ओस्मानिया यूनिवर्सिटी के अधिकारियों ने कैंपस में सुरक्षा कारणों से इसकी मेज़बानी करने में असमर्थता जाहिर की है.

भारतीय विज्ञान कांग्रेस का आयोजन तीन जनवरी, 2018 से सात जनवरी, 2018 के दरमियां होना था. भारतीय विज्ञान कांग्रेस को प्रधानमंत्री को संबोधित करना था.

अममून भारतीय विज्ञान कांग्रेस के आयोजन का समय और स्थान साल भर पहले ही तय कर लिया जाता है.

दुनिया भर के वैज्ञानिक, साथ ही दस हज़ार से ज़्यादा डेलीगेट्स, भारत के अन्य वैज्ञानिक संस्थानों के प्रमुख इस कॉन्फ्रेंस में हिस्सा लेते हैं.

नए राज्य तेलंगाना के गठन के बाद हैदराबाद में पहली बार भारतीय विज्ञान कांग्रेस का आयोजन किया जा रहा है.

इस सिलसिले में भारतीय विज्ञान कांग्रेस एसोसिएशन की वेबसाइट पर एक संदेश पढ़ा जा सकता है, "ओस्मानिया यूनिवर्सिटी के वाइस चांसलर ने बताया है कि वे कैंपस में कुछ मुद्दों के कारण 105वीं विज्ञान कांग्रेस की मेज़बानी करने में असमर्थ हैं."

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Image caption भारतीय विज्ञान कांग्रेस की वेबसाइट

ओस्मानिया यूनिवर्सिटी

ओस्मानिया यूनिवर्सिटी के वाइस चांसलर एस रामचंद्रम ने बीबीसी को बताया, "तीन दिसंबर को एमएससी फ़िजिक्स के छात्र मुरली ने कैंपस में खुदकुशी कर ली और विश्वविद्यालय प्रशासन को छात्रों से दो धमकियां मिली है."

एस. रामचंद्रम बताते हैं, "कैंपस को हिला देने वाले हालिया घटनाक्रम के मद्देनज़र यूनिवर्सिटी और भारतीय विज्ञान कांग्रेस के अधिकारियों और सरकार के प्रतिनिधियों ने मिलकर ये फैसला लिया है."

यूनिवर्सिटी की तरफ़ से जारी की प्रेस रिलीज़ में ये कहा गया है कि वे लोग पिछले तीन महीनों से इसके लिए कड़ी मेहनत कर रहे थे. यहां तक कि भारतीय विज्ञान कांग्रेस के शेड्यूल को देखते हुए छात्रों की परीक्षाओं की तारीख में भी बदलाव किया गया.

प्रेस रिलीज में ये भी बताया गया है कि एक मौके पर उन्होंने ये फैसला भी कर लिया था कि साइंस कांग्रेस का उद्घाटन किसी दूसरी जगह पर कर लिया जाए और बाक़ी कॉन्फ्रेंस कैंपस में आयोजित किया जाए.

यूनिवर्सिटी ने कहा है कि नेशनल साइंस कांग्रेस के प्रतिनिधियों से बातचीत के बाद कॉन्फ्रेंस की नई तारीख के बारे में फैसला लिया जाएगा.

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Image caption ओस्मानिया यूनिवर्सिटी के वाइस चांसलर एस रामचंद्रम

वीसी का पक्ष

वाइस चांसलर एस रामचंद्रम ने बीबीसी से कहा, "ये कहना सही नहीं है कि यूनिवर्सिटी के छात्र साइंस कांग्रेस का विरोध कर रहे थे. हकीकत तो ये है कि उन्होंने इसका स्वागत ही किया था."

ओस्मानिया यूनिवर्सिटी से इस बीच ऐसी ख़बरें भी आ रही थीं कि भारतीय साइंस कांग्रेस के लिए छात्रों को हॉस्टल खाली करने के लिए कहा गया था. हालांकि वाइस चांसलर एस रामचंद्रम इन ख़बरों को खारिज करते हैं.

उन्होंने कहा, "विश्वविद्यालय प्रशासन से छात्रों का हॉस्टल खाली करने के लिए इसलिए कहा था ताकि इमारत में कुछ मरम्मती के काम को पूरा किया जा सके. छात्रों ने इस मुद्दे को ग़लत तरीके से समझा. विश्वविद्यालय के अधिकारियों की तरफ से दी गई सफ़ाई से छात्र संतुष्ट हो गए थे.

एस रामचंद्रम कहते हैं, "कल तक हम सभी साइंस कांग्रेस की तैयारियों में व्यवस्त थे और आज हम इस बात को लेकर नाखुश हैं कि अब ये यहां नहीं हो रहा है."

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Image caption ओस्मानिया यूनिवर्सिटी की प्रेस रिलीज़

क्या कहते हैं छात्र

बेरोज़गार छात्र संयुक्त कार्रवाई समिति (अनइम्प्लॉयड स्टूडेंट्स ज्वॉयंट एक्शन कमिटी) के चेयरमैन मानवता राय का कहना है, "हमने कभी भी साइंस कांग्रेस का विरोध नहीं किया है."

मानवता राय यूनिवर्सिटी के इस फैसले का विरोध करते हैं. उनका कहना है कि ये फैसला साइंस कांग्रेस आयोजित न कर पाने की सरकार की नाकामी को दिखलाता है.

वो सवाल उठाते हैं, "इवांका ट्रंप के दौरे के समय भी कई समूह हैदराबाद में ग्लोबल आंत्रिप्रेन्योरशिप समिट का विरोध कर रहे थे, विश्व तेलुगू कॉन्फ्रेंस के समय भी विरोध की आवाज़ें उठी थीं, लेकिन इनकी वजह से ये सम्मेलन रोके नहीं गए. अब उन्हें क्यों डर लग रहा है?"

हालांकि मानवता राय ये स्वीकार करते हैं कि छात्रों से हॉस्टल खाली कराने के विश्वविद्यालय प्रशासन के फैसले पर उन्होंने सवाल उठाया था. मानवता राय का कहना है कि जब यूनिवर्सिटी कैंपस में छात्र ही नहीं रहते तो विश्वविद्याल साइंस कांग्रेस का आयोजन कैसे करा सकती थी.

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कोलकाता में मीटिंग

भारतयी साइंस कांग्रेस एसोसिएशन के महासचिव प्रोफेसर गंगाधर ने बीबीसी तेलुगू के संवाददाता बल्ला सतीश को बताया, "यूनिवर्सिटी ने 19 दिसंबर को भारतीय साइंस कांग्रेस को एक मेल कर इसकी मेजबानी न कर पाने की अपनी असमर्थता जताई."

वे कहते हैं, "साइंस कांग्रेस की तैयारियों का जायजा लेने के लिए हाल में हम तीन बार कैंपस गए हैं. हमें ये समझ में नहीं आ रहा है कि जब ये लग रहा था कि सब कुछ सही दिशा में चल रहा है, तभी अचानक ये फैसला क्यों लिया गया.

उन्होंने बताया, "27 दिसंबर को कोलकाता में साइंस कांग्रेस की कार्यकारी समिति की एक बैठक होने जा रही है. इस मीटिंग में 2018 की साइंस कांग्रेस के बारे में फैसला लिया जा सकता है."

प्रोफेसर गंगाधर का कहना है, "अगर राज्य सरकार साइंस कांग्रेस का वेन्यू बदलना चाहती है तो हमें इस पर एतराज नहीं है. लेकिन राज्य सरकार के समर्थन के बिना हम इसका आयोजन नहीं कर सकते."

उन्होंने ये भी कहा कि 10,000 से ज्यादा डेलीगेट्स ने इस इवेंट के लिए अपने टिकट्स बुक करा लिए हैं. इनमें नोबेल पुरस्कार विजेता से लेकर विदेशी वैज्ञानिक तक शामिल हैं. इस मौके पर ओस्मानिया यूनिवर्सिटी का कदम पीछे खींचना तकलीफदेह है.

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Image caption प्रोफेसर गंगाधर

हैदराबाद पुलिस

लोकल मीडिया में पुलिस के हवाले से कहा जा रहा है कि कुछ दलित और अल्पसंख्यक छात्र साइंस कांग्रेस के दौरान विरोध प्रदर्शन कर सकते हैं.

हैदराबाद के पुलिस कमिश्नर श्रीनिवास राव ने मंगलवार को सुरक्षा तैयारियों का जायजा लेने के लिए ओस्मानिया यूनिवर्सिटी के ग्राउंड्स का निरीक्षण किया था.

पुलिस ने मुख्यमंत्री चंद्रशेखर राव और केंद्रीय विज्ञान एवं टेक्नॉलॉजी मंत्रालय को कैंपस की परिस्थितियों के बारे में अपनी रिपोर्ट सौंप दी है.

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