ये कैसा जीव है, जो ले सकता है पुनर्जन्म!

  • 4 फरवरी 2018
एक्सोलोट्ल इमेज कॉपीरइट IMP

वैज्ञानिकों की नज़र आजकल एक ऐसे जीव पर है जिसके बारे में कहा जा सकता है कि वो मरकर फिर पैदा हो सकता है.

मैक्सिकन एक्सोलॉटल नामक यह जीव मैक्सिको की झीलों में पाया जाता है. यह पानी के अलावा ज़मीन पर भी रह सकता है. छिपकली जैसा दिखने वाला यह जीव अपने अंगों के नष्ट हो जाने के बाद उन्हें दोबारा उगाने की असाधारण ताक़त के लिए जाना जाता है.

यह देखा गया है कि अगर इस जीव का कोई अंग नहीं रहा तो हफ़्ते भर में ही यह हड्डी, नस और मांस के साथ उस अंग को फिर से उसी जगह पर उगाने में सक्षम होता है.

वैज्ञानिकों का कहना है कि एक्सोलॉटल अपनी रीढ़ की हड्डी में लगी चोट को भी सही करने की क्षमता रखता है और अगर वो टूटी नहीं है तो ये सामान्य तरह से काम भी करता रहता है.

घाव का निशान छोड़े बिना यह दूसरे ऊतकों, मसलन रेटिना को भी ठीक कर सकता है.

दुनिया के 'ना मरने वाले जीव' के राज़

ऐसा विचित्र जीव कभी देखा है

इमेज कॉपीरइट IMP

इस जीव पर विलुप्त होने का ख़तरा भी मंडरा रहा है, हालांकि वैज्ञानिकों का मानना है कि यह जीव आसानी से प्रजनन कर सकता है.

यही वजह है कि लगभग 150 सालों से वैज्ञानिक प्रयोगशाला में इस जीव को उन्नत बनाने पर काम कर रहे हैं और उसकी असाधारण जैविक क्रियाओं का पता लगा रहे हैं.

इमेज कॉपीरइट IMP
Image caption डॉ एली

वैज्ञानिकों की एक अंतरराष्ट्रीय टीम ने एक्सोलॉटल का एक और राज़ खोज निकाला है. इस जीव में मनुष्य से भी बड़ा जीन-समूह (जीनोम) पाया गया है.

इस जीव में 32 हज़ार मिलियन डीएनए की बेस जोड़िया हैं जो मनुष्य के मुक़ाबले दस गुना ज़्यादा हैं.

नेचर पत्रिका में प्रकाशित एक अध्ययन के अनुसार, "ये खोज अंगों के पुनर्जन्म पर गहराई से अध्ययन करने वालों के लिए महत्वपूर्ण साबित होगी."

विएना के रिसर्च इंस्टीट्यूट ऑफ मोलिक्युलर पैथोलॉजी की डॉक्टर एली तनाका प्रयोगशाला में एक्सोलॉटल की संख्या बढ़ाने पर काम कर रही हैं.

इमेज कॉपीरइट IMP

वैज्ञानिक उन कोशिकाओं की पहचान कर चुके हैं जो अंगों के पुनर्जन्म की प्रक्रिया के लिए ज़िम्मेदार होते हैं.

लेकिन पुनर्जन्म की प्रक्रिया को विस्तार से समझने के लिए शोधकर्ताओं को इस एम्फीबियन जीव के जीनोम से जुड़ी जानकारियों की ज़रूरत है.

इस जीव के जीनोम की संख्या 32,000 मिलियन जोड़ी होने की वजह से अभी तक यह संभव नहीं हो पाया है.

(बीबीसी हिन्दी के एंड्रॉएड ऐप के लिए आप यहां क्लिक कर सकते हैं. आप हमें फ़ेसबुक और ट्विटर पर फ़ॉलो भी कर सकते हैं.)

बीबीसी न्यूज़ मेकर्स

चर्चा में रहे लोगों से बातचीत पर आधारित साप्ताहिक कार्यक्रम

सुनिए

मिलते-जुलते मुद्दे