घायल अमरीकी सैनिक को दोबारा ऐसे बनाया गया मर्द

  • 24 अप्रैल 2018
इमेज कॉपीरइट Getty Images

फलां जगह बम धमाके में हाथ या पैर उड़ गया और डॉक्टरों-मेडिकल साइंस के कमाल से उसे फिर जोड़ दिया गया. किसी हादसे या हमले में किसी का चेहरा ख़राब हो गया था, उसे प्लास्टिक सर्जरी की मदद से फिर बना दिया गया.

इस तरह की ख़बरें हम पहले भी कई बार पढ़ चुके हैं और आगे भी पढ़ते रहेंगे. लेकिन अब एक ख़बर ऐसी आई है जिसे पढ़कर आप चौंक जाएंगे. न तो इस तरह की ज़्यादा ख़बरें अब तक आई हैं और न ही शायद बहुत आगे आएंगी.

अमरीकी डॉक्टरों की एक टीम ने दुनिया का पहला पीनस (लिंग) और स्क्रोटम (अंडकोश) ट्रांसप्लांट कर दिखाया है.

इमेज कॉपीरइट JOHNS HOPKINS MEDICINE

मैरीलैंड, बाल्टीमोर की जॉन हॉपकिंस यूनिवर्सिटी के सर्जन ने अफ़ग़ानिस्तान में हुए बम विस्फोट में ज़ख़्मी हुए एक सैनिक का ये ऑपरेशन किया.

किसने दिया लिंग?

इस ऑपरेशन के लिए लिंग, अंडकोश और एब्डोमिनल वॉल एक ऐसे डोनर से ली गई थी जिसका निधन हो चुका है. ऐसा कहा जा रहा है कि ये सैनिक एक बार फिर सेक्शुअल फ़ंक्शन कर पाएगा, हालांकि पीनस रिकंस्ट्रक्शन के साथ ये मुमकिन नहीं होता.

ये सर्जरी 26 मार्च को हुई थी और 11 डॉक्टरों ने 14 घंटे से ज़्यादा वक़्त तक चले इस ऑपरेशन को अंजाम दिया. ये पहला ऐसा ऑपरेशन है जिसमें अंडकोश और आसपास के ऐब्डोमिनल एरिया समेत टिश्यू का पूरा सेक्शन ट्रांसप्लांट किया गया है.

पिछली जेब में बटुआ रखना रीढ़ के लिए ख़तरनाक?

हीमोफीलिया: जब शरीर से ख़ून निकलना बंद नहीं होता

डॉक्टरों का कहना है कि अंग दान देने वाले व्यक्ति के टेस्टिकल्स ट्रांसप्लांट नहीं किए गए हैं. जॉन हॉपकिंस यूनिवर्सिटी में हेड ऑफ़ प्लास्टिक एंड रिकंस्ट्रक्टिव सर्जरी डॉ. डब्ल्यूपी एंड्रयू ली ने कहा, ''कुछ मामलों में अंग काटने पड़ते हैं और वो सभी को साफ़ दिखते हैं, लेकिन युद्ध के कुछ ऐसे ज़ख़्म होते हैं जिसके बारे में दूसरों को अंदाज़ा भी नहीं होता.''

इमेज कॉपीरइट EPA
Image caption सांकेतिक तस्वीर

इस सैनिक की पहचान जारी नहीं की है. उन्होंने यूनिवर्सिटी की ओर से जारी बयान में कहा है, ''जब मैं जागा तो महसूस हुआ कि पहले से ज़्यादा सामान्य हो गया है, अब मैं ठीक हूं.''

कैसे हुआ था ज़ख़्मी?

इस सैनिक ने अफ़ग़ानिस्तान में ग़लती से एक बम पर पैर रख दिया था.

मेडिकल भाषा में इस ऑपरेशन को वास्कुलराइज़्ड कंपोज़िट एलोट्रांसप्लांटेशन कहा जाता है. इसका मतलब है कि इस प्रक्रिया में त्वचा, हड्डी, मांसपेशियां, टेंडल और ब्लड वेसल (रक्त वाहिकाएं) - सभी बदले जाते हैं.

सर्जिकल टीम में शामिल डॉक्टरों का कहना है कि सैनिक छह से बारह महीने में पूरी तरह रिकवर कर जाएगा. जेनिटुरिनरी ट्रांसप्लांट प्रोग्राम के क्लीनिकल डायरेक्टर डॉ. रिक रेडेट ने बताया कि सैनिक की तबीयत में सुधार हो रहा है और वो इस हफ़्ते अस्पताल से घर जा सकते हैं.

साल 2016 में अमरीका का पहला पीनस ट्रांसप्लांट 2016 में बॉस्टन के मैसाच्युसेट्स जनरल हॉस्पिटल में किया गया था और साल 2014 में दक्षिण अफ़्रीका के डॉक्टरों ने दुनिया का पहला पीनस ट्रांसप्लांट किया था.

मां-बाप की मौत के चार साल बाद बच्चे का जन्म!

एक आदमी की किडनी दूसरे में कैसे फ़िट हो जाती है?

(बीबीसी हिन्दी के एंड्रॉएड ऐप के लिए यहां क्लिक करें. आप हमें फ़ेसबुक और ट्विटर पर भी फ़ॉलो कर सकते हैं.)

बीबीसी न्यूज़ मेकर्स

चर्चा में रहे लोगों से बातचीत पर आधारित साप्ताहिक कार्यक्रम

सुनिए