व्हाट्सऐप ने मैसेज फॉरवर्ड करने पर लगाई पाबंदियां

  • 20 जुलाई 2018
वाट्सऐप इमेज कॉपीरइट AFP

भारत सरकार का कहना है कि व्हाट्सऐप के ज़रिए फैले संदेशों की वजह से देश में कई लोगों की मॉब लिंचिंग हुई.

भारत सरकार के चेतावनियों के बादए व्हाट्सऐप ने मैसेज फॉरवर्ड करने के अपने नियमों में बदलाव करने का फैसला किया है.

व्हाट्सऐप ने कहा कि वो संदेशों को फॉरवर्ड करने की सीमा तय करेगा, ताकि झूठी जानकारी को फैलने से रोका जा सके.

गुरुवार को भारत सरकार ने व्हाट्सऐप को चेतावनी दी है कि अगर उसने कोई कदम नहीं उठाया तो उसे क़ानूनी कार्रवाई का सामना करना पड़ सकता है.

भारत व्हाट्सऐप का सबसे बड़ा बाज़ार है, यहां 20 करोड़ से ज़्यादा लोग व्हाट्सऐप का इस्तेमाल करते हैं.

व्हाट्सऐप ने बताया कि भारत के लोग किसी भी दूसरे देश से ज़्यादा संदेश, फोटो और वीडियो साझा करते हैं.

अभी तक व्हाट्सऐप के ग्रुप में 256 से ज़्यादा लोग नहीं हो सकते. जिन संदेशों को हिंसा की वजह माना जा रहा है, उन्हें 100 से ज़्यादा सदस्यों वाले कई ग्रुप्स में फॉरवर्ड किया गया था.

इमेज कॉपीरइट AFP

पांच बार से ज़्यादा फॉरवर्ड नहीं

नए नियमों के मुताबिक व्हाट्सऐप की वेबसाइट पर छपे एक ब्लॉग में कंपनी ने बताया कि वो यूजर्स के लिए मैसेज फॉरवर्ड करने की सीमा तय करने की टेस्टिंग कर रही है.

भारतीय यूज़र्स के लिए संदेश फॉरवर्ड करने की सीमा और कम होगी. भारत में व्हाट्सऐप के एक प्रवक्ता ने बीबीसी को बताया कि एक व्यक्ति एक संदेश को पांच बार से ज़्यादा फॉरवर्ड नहीं कर पाएगा.

हालांकि, ये नए नियम ग्रुप के दूसरे सदस्यों को वही मैसेज आगे पांच लोगों को फॉरवर्ड करने से नहीं रोक पाएगा.

व्हाट्सऐप को उम्मीद है कि उसके इस कदम से एक मैसेज पहले से कम लोगों तक पहुंचेंगे.

कंपनी ने ये भी कहा कि जिस संदेश में तस्वीरें या वीडियो होगा, उसके ठीक पास नज़र आने वाले "क्विक फॉरवर्ड बटन" को हटा दिया जाएगा.

कर्नाटक लिंचिंगः व्हाट्सऐप संदेश के आधे घंटे बाद भीड़ ने पीट-पीटकर मारा

कर्नाटक लिंचिंगः आख़िर क्या हुआ था उस दिन

इमेज कॉपीरइट PA WIRE

मॉब लिंचिंग में 18 की मौत

व्हाट्सऐप ने ये बदलाव मॉब लिंचिंग की कई घटनाओं के बाद किए हैं. अप्रैल 2018 से अबतक हुई इन घटनाओं में 18 से ज़्यादा लोगों की मौत गई. मीडिया रिपोर्ट्स में तो मरने वालों की तादाद और ज़्यादा बताई गई है.

आरोप लगे कि व्हाट्सऐप पर फैली बच्चा चोरी की अफवाहों के बाद लोगों ने अजनबियों पर हमले किए.

पुलिस के मुताबिक लोगों को समझाना बहुत ही मुश्किल था कि ये संदेश झूठे हैं.

भारत में फ़र्ज़ी ख़बरों पर कैसे कसे लगाम?

व्हाट्सऐप पर अफ़वाह फैलाई तो क्या होगी सज़ा

इमेज कॉपीरइट Getty Images

"जवाबदेही ले व्हाट्सऐप"

हाल ही में सोशल मीडिया पर फैली अफवाहों के प्रति लोगों को जागरुक करने के लिए त्रिपुरा की सरकार ने एक व्यक्ति को गांव-गांव भेजा, लेकिन गांववालों की भीड़ ने उस व्यक्ति को ही बच्चा चोर समझकर मार डाला.

इससे पहले भारतीय सरकार ने व्हाट्सऐप को चेतावनी दी थी कि वो यूज़र द्वारा साझा की गई सामग्री की "जवाबदेही और जिम्मेदारी" लेने से बच नहीं सकता.

इसके जवाब में व्हाट्सऐप ने कहा था कि वो "हिंसा की इन घटनाओं से हैरान है" और इस "चुनौती से निपटने के लिए सरकार, आम लोगों और तकनीकी कंपनियों को साथ मिलकर काम करना होगा."

व्हाट्सऐप फेसबुक के ही स्वामित्व वाली कंपनी है. एक दूसरे को संदेश भेजने के लिए इस मैसेजिंग ऐप का भारत में सबसे ज़्यादा इस्तेमाल किया जाता है. इसके ज़रिए जानकारी को बहुत से लोगों तक पहुंचाया जा सकता है, जिससे लोगों की भीड़ बहुत कम समय में एक जगह इकट्ठी हो सकती है.

प्लेबैक आपके उपकरण पर नहीं हो पा रहा
धंधा पानी

(बीबीसी हिन्दी के एंड्रॉएड ऐप के लिए आप यहां क्लिक कर सकते हैं. आप हमें फ़ेसबुक, ट्विटर, इंस्टाग्राम और यूट्यूब पर फ़ॉलो भी कर सकते हैं.)

बीबीसी न्यूज़ मेकर्स

चर्चा में रहे लोगों से बातचीत पर आधारित साप्ताहिक कार्यक्रम

सुनिए

मिलते-जुलते मुद्दे