फ़ोन हैक कर लूटने वालों का आतंक, इनसे कैसे बचें

  • 21 जुलाई 2018
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Image caption फ़ोन में डिजिटल पैसे रखने के मामले में कीनिया सबसे आगे है

कीनिया में मोबाइल फ़ोन बैंक अकाउंट की तरह हैं- यहां कई लोग अपना सारा पैसा अपने फ़ोन पर रखते हैं और चोरी करने वालों की नज़रें होती हैं इन फ़ोन पर जिन्हें वो हैक करना चाहते हैं.

रविवार को सैमी वनीना को एक एसएमएस मिला जिसमें उन्हें अपना पर्सनल कोड मांगा गया था ताकि उनका सिम कार्ड स्वैप किया जा सके.

वो कुछ समझ नहीं पाए क्योंकि उन्होंने नए सिम कार्ड के लिए गुज़ारिश की ही नहीं थी. मिनटों पहले उन्होंने अपने फ़ोन पर आए एक कॉल को काट दिया था.

उनका शक़ था कि ये फ़ोन कॉल किसी धोखा देने वाले का था जो खुद को फ़ोन कंपनी के कस्टमर सर्विस विभाग से बता रहा था.

सैमी वनीना ने बीबीसी को बताया, "मैंने अपने बारे में कोई जानकारी नहीं दी."

इस फ़ोन कॉल के बाद उन्होंने तुरंत फ़ोन कंपनी सफ़ारीकॉम से संपर्क किया और इस घटना के बारे में बताया.

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लेकिन अपने बारे में कोई जानकारी नहीं देने और इस संभावित धोखे के बारे में कंपनी को बताने के बाद भी उनका नंबर तीन दिन तक बंद रहा.

उन्होंने अपने इस अनुभव को सोशल मीडिया पर साझा किया और बताया कि ये डराने वाली घटना थी.

वनीना कहते हैं कि इसके बाद कंपनी सफारीकॉम ने उनकी शिकायत के बाद सावधानी के तौर पर उन्हें एक नया सिम कार्ड दिया. लेकिन कंपनी ने उन्हें ये नहीं बताया कि तीन दिन तक उनका सिम कार्ड बंद क्यों रहा.

हालांकि कंपनी ने इस बारे में ट्विटर पर लिखा, "हम अपने उपभोक्ताओं की सुरक्षा के लिए वचनबद्ध हैं... और हम इस मामले की तह तक जाएंगे."

मुझे 18 हज़ार डॉलर का नुक़सान हुआ

इस घटना के बाद कई और लोगों ने भी अपने अनुभव सोशल मीडिया पर साझा किए.

राजनेता स्टैनले वनीकू ने बताया कि चोरों ने उन्हें फंसा कर उनसे 18 हज़ार डॉलर लूट लिए.

उन्होंने डेली नेशन अख़बार को बताया कि उनके पास एक नोटिफिकेशन आया था कि वो अपने मोबाइल वॉलेट से लेनदेन नहीं कर सकते और उन्हें इसे फिर से चालू करने के लिए एक नंबर पर फ़ोन करना होगा.

उन्होंने ऐसा ही किया जिसके बाद उन्हें पता चला कि उनका पिन नंबर बदल दिया गया है और अब वो अपने मोबाइल वॉलेट पर लेन-देन नहीं कर सकते. पेपर ने इसकी जानकारी नहीं दी कि वे किस सर्विस का इस्तेमाल कर रहे थे.

''मुझे नहीं पता मेरे मोबाइल फ़ोन का पिन कैसे बदला और अनजान लोगों को इसका कैसे पता चला. मुझे इसका नुकसान भी हुआ है लेकिन वे उनकी पहचान कैसे करें.''

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वे बताते हैं कि मैंने अपना मोबाइल नंबर बैंक से लिंक नहीं किया हुआ है फिर भी उसे हैक कर लिया गया.

लोग अलग-अलग कंपनियों की कई सिम कार्ड रखते हैं ताकि वो अलग-अलग जगह उन नंबरों का इस्तेमाल कर सकें और डील कर सकें. इसका मतलब है अपने काम के बाद कई लोग उन सिम कार्ड्स को तोड़ भी देते हैं इसलिए उपभोक्ता को बदलना असामान्य सी बात है.

कीनिया में सबसे ज़्यादा लोग मोबाइल वॉलेट का इस्तेमाल करते हैं इसलिए ये हाल में सिम कार्ड से धोखाधड़ी बढ़ने का प्रमुख कारण बन गया है.

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फ़ोन कंपनियों के साथ साझेदारी द्वारा बैंकों को मोबाइल मनी की सेवाओं के साथ जोड़ने में भी कामयाब हुई है. इससे ग्राहक पैसा इधर-उधर कर सकता है.

साइबर सिक्योरिटी कंसल्टिंग फर्म सेरियानु के विलियम माकतियानी ने डेली नेशन को बताया कि मोबाइल फ़ोन से हैक करने के घोटाले आम हो रहे हैं.

उन्होंने आगे कहा, "2016 से सिम स्वैपिंग काफ़ी बड़ी समस्या बन गई है, ख़ासकर नाइजीरिया में. पिछले साले के आखिरी छह महीने से ये मामले कीनिया में देखे गए हैं."

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अपने आप को कैसे सुरक्षित रखें

ये स्पष्ट नहीं है कि इस तरह के घोटाले आख़िरकार काम कैसे करते हैं लेकिन इस सप्ताह मोबाइल फ़ोन उद्योग को नियंत्रित करने वाले कीनिया की कम्युनिकेशन अथॉरिटी ने उपयोगकर्ताओं को सावधान रहने के लिए कहा-

  • व्यक्तिगत जानकारी कभी न दें
  • अपना पिन नंबर न दें
  • वित्तीय जानकारी या पासवर्ड के लिए आने वाला अनुरोध हटा दें
  • अनचाहे संदेशों के बारे में संदिग्ध रहें.

सफ़ारीकॉम ने ग्राहकों से अपने पासवर्ड, जन्म तिथि और राष्ट्रीय पहचान संख्या की खुद हिफ़ाज़त करने का भी आग्रह किया.

ये भी बताया गया कि सब्सक्राइबर्स को अपने ऑफिशियल कस्टमर केयर नंबर की जानकारी रखनी चाहिए ताकि उनके अकाउंट तक पहुंचने वाले उन्हें धोख़ा न दे सके.

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