... और जब चांद हो गया लाल

  • 28 जुलाई 2018
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Image caption भारत के ज़्यादातर हिस्से में ग्रहण नज़र आया. ये तस्वीर श्रीनगर की है जहां ग्रहण के दौरान चांद पर हल्की लालिमा छाई रही.

मौजूदा सदी का सबसे लंबा चंद्र ग्रहण भारत समेत दुनिया के कई देशों में देखा गया.

रात 11.54 मिनट पर चंद्र ग्रहण शुरू होने के बाद ये पहले काले और फिर धीरे-धीरे लाल रंग में तब्दील होता गया. चांद के इस रूप को 'ब्लड मून' भी कहा जाता है.

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Image caption चांद पर छाया अंधेरा, बिल्कुल फ़िल्मों में दिखने वाले किसी सीन की तरह. श्रीनगर में चंद्र ग्रहण शुरू होने के बाद की तस्वीर.

लोगों ने कई घंटों बड़े उत्साह के साथ चंद्र ग्रहण का इंतज़ार ​किया. भारत में चंद्र ग्रहण के दौरान कई लोगों ने गंगा स्नान भी किया.

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Image caption तुर्की के चनाकले में ग्रहण के दौरान चांद पूरी तरह लाल रंग का नज़र आया. इसे देखने के लिए लोगों में उत्सुकता बनी रही.

नासा के मुताबिक ये 21वीं सदी का सबसे लंबा चंद्र ग्रहण था. इस चंद्र ग्रहण की कुल अवधि 3 घंटे 55 मिनट बताई गई.

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Image caption साइप्रस की राजधानी निकोसिया में कुछ इस तरह दिखा चंद्र ग्रहण

सूर्य की परिक्रमा के दौरान पृथ्वी, चांद और सूर्य के बीच में इस तरह आ जाती है कि चांद धरती की छाया से छिप जाता है. यह तभी संभव है जब सूर्य, पृथ्वी और चंद्रमा अपनी कक्षा में एक दूसरे के बिल्कुल सीध में हों.

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Image caption ओमान की राजधानी मस्कट में चंद्र ग्रहण के दौरान सुल्तान काबूस ग्रैंड मस्जिद का कुछ ऐसा था नज़ारा

पूर्णिमा के दिन जब सूर्य और चंद्रमा के बीच पृथ्वी आ जाती है तो उसकी छाया चंद्रमा पर पड़ती है. इससे चंद्रमा के छाया वाला भाग अंधकारमय रहता है. और इस स्थिति में जब हम धरती से चांद को देखते हैं तो वह भाग हमें काला दिखाई पड़ता है. इसी वजह से इसे चंद्र ग्रहण कहा जाता है.

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Image caption यूनान में एथेंस के पास पूर्ण चंद्र ग्रहण के दौरान 'ब्लड मून'.

ये चंद्र ग्रहण उत्तरी अमरीका को छोड़ कर पृथ्वी के अधिकांश भाग में दिखा लेकिन पूर्ण चंद्र ग्रहण यूरोप के अधिकांश भागों, मध्यपूर्व, मध्य एशिया और ऑस्ट्रेलिया में देखा गया.

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Image caption स्विट्ज़रलैंड में लूसर्न नदी के पास पूर्ण चंद्र ग्रहण को देखने का इंतज़ार करते हुए लोग.

भारत में इस दुर्लभ आकाशीय घटना को दिल्ली, पुणे, बेंगलुरू और मुंबई समेत देश के सभी शहरों में देखा गया. कई चैनलों और वेबसाइट पर चंद्र ग्रहण की सीधी तस्वीरें दिखाई गईं.

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Image caption ये तस्वीर कुवैत की है. चंद्र ग्रहण के विभिन्न चरणों में चांद इस तरह बदल रहा था.

चंद्र ग्रहण के दौरान चांद पृथ्वी से अपनी सर्वाधिक दूरी पर रहा. इस घटना को अपोगी कहते हैं जिसमें पृथ्वी से चांद की अधिकतम दूरी 4,06,700 किलोमीटर होती है.

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