तीन कैमरों के साथ आईफ़ोन 11 क्या लुभा पाएगा भारतीय उपभोक्ताओं को?

  • 11 सितंबर 2019
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Image caption नए आईफोन में तीन कैमरे हैं

एप्पल ने आईफ़ोन-11 लाँच किया है जिसमें तीन कैमरों और बेहतर बैटरी लाइफ़ का वादा किया गया है.

लेकिन क्या भारत जैसे दुनिया के सबसे तेज़ी से बढ़ते स्मार्टफ़ोन बाज़ार में ये अपनी पैठ और मज़बूत कर पाएगा?

चालीस हज़ार रुपये के रेंज में आने वाले प्रीमियम स्मार्ट फ़ोन सेगमेंट में सैमसंग का दबदबा है. लेकिन इस साल, पहली बार भारत में एप्पल ने सैमसंग को पीछे छोड़ दिया.

रिसर्च कंपनी इंटरनेशनल डेटा कार्पोरेशन की रिपोर्ट के अनुसार, इस साल की दूसरी तिमाही में एप्पल ने प्रिमियम सेगमेंट में 41.2 प्रतिशत की हिस्सेदारी हासिल कर ली.

तकनीक पत्रकार माला भार्गव ने बीबीसी को बताया, "भारतीय स्मार्टफ़ोन बाज़ार में चीजें बदल रही हैं. कोई भी ऐसी कंपनी नहीं है जो निश्चिंत हो सके, चाहे उसकी बाज़ार पर पकड़ कितनी भी हो."

एप्पल के ताज़ा मोबाइल फ़ोन मॉडल हैं आईफ़ोन 11, 11 प्रो और 11 प्रो मैक्स, जो 27 सितम्बर से भारत में मिलना शुरू हो जाएंगे.

भार्गव कहती हैं, "आईफ़ोन 11 को भारतीय बाज़ार के मुताबिक़ बनाया गया है."

हाल के महीनों में एप्पल ने अपने पहले के हैंडसेट आईफ़ोन एक्सआर की क़ीमत में काफ़ी कमी थी, 73,900 से 53,900 रुपये कर दिया था. और इसकी वजह से उसकी बिक्री बढ़ी.

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क़ीमतों पर आईफ़ोन

माला भार्गव के अनुसार, "भारत में उपभोक्ताओं का रुख़ डिस्काउंट और बेहतर डील पर निर्भर करता है. आईफ़ोन बहुत लोकप्रिय ब्रांड हैं इसलिए क़ीमत कम होते ही बहुत से लोग उसकी ओर रुख़ करते हैं."

उनका कहना है कि पहली बार भारत में अग्रणी होने का ये एक कारण है. आईफ़ोन 11 में एक से अधिक कैमरा है और पहले से अधिक तेज़ प्रासेसर है.

इसके दो मॉडल हैं और कंपनी का कहना है कि पहले के एक्सएस मॉडलों के मुक़ाबले इसकी बैटरी चार से पांच घंटे अधिक चलेगी.

भार्गव कहती हैं, "आईफ़ोन 11 का शुरुआती मॉडल, आईफ़ोन एक्सआर का सही मायने में वारिस है."

इसकी क़ीमत 64,900 रुपये है. आईफ़ोन एक्सआर से ये बहुत ज़्यादा महंगा नहीं है. माला भार्गव का कहना है कि इस क़ीमत पर कंपनी अपना आधार बढ़ा सकती है.

एप्पल ने आईफ़ोन 11 प्रो और आईफ़ोन 11 प्रो मैक्स भी लॉंच किया है जिनकी क़ीमत 99,990 रुपये और 109,900 रुपये है. हालांकि इतनी क़ीमत शायद ही उपभोक्ताओं को आकर्षित करे.

भार्गव कहती हैं, "लेकिन इसका दूसरा पहलू ये है कि इस गैप से कंपनी को फायदा पहुंचेगा क्योंकि पुराने आईफ़ोन और नए आईफ़ोन 11 के लिए मैदान ख़ाली रहेगा और इससे कंपनी की हिस्सेदारी बढ़ सकती है."

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भारत के बढ़ते बाज़ार पर निगाहें

कंपनी अभी भी आईफ़ोन एक्सआर और आईफ़ोन 8 बेच रही है, जोकि उपभोक्ताओं के सामने और विकल्प देता है.

वो कहती हैं, "बाक़ी देशों में स्मार्टफ़ोन की बिक्री घट रही है, हालांकि एप्पल इसमें कुछ कर नहीं सकता बजाय भारत में अपनी स्थिति मज़बूत करने के. क्योंकि यही एक बाज़ार है जहां बढ़ोत्तरी दिख रही है."

चालू वित्त वर्ष की दूसरी तिमाही में तीन करोड़ 69 लाख हैंडसेट भारत में आए, जोकि पिछले साल के मुक़ाबले 9.9 प्रतिशत अधिक है.

लेकिन दूसरी तरफ़ इस साल की पहली तिमाही में वैश्विक स्मार्टफ़ोन बाज़ार में 8 प्रतिशत की गिरावट दर्ज की गई थी और एप्पल के शिपमेंट में 20 प्रतिशत की कमी आई.

भार्गव कहती हैं, "भारत में अभी भी पहली बार स्मार्ट फ़ोन ख़रीदने वाले लाखों उपभोक्ता मौजूद हैं. बजट फ़ोन इस्तेमाल करने वाले और बहुत से लोग हैं जो बेहतर विकल्प की तलाश में हैं."

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