टिकटॉक पर मुक़दमा, चीन को डेटा भेजने के आरोप

  • 3 दिसंबर 2019
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वीडियो शेयरिंग ऐप टिकटॉक पर अमरीकी यूज़र्स के डेटा चुराने और उसे चीन में ट्रांसफ़र करने के आरोप लगे हैं.

कैलिफ़ोर्निया की अदालत में पिछले हफ़्ते दायर मुक़दमें में आरोप लगाए गए हैं कि कंपनी बिना यूज़र्स की सहमति के उनके डेटा "चुपके" से इकट्ठा कर रही है और उसे चीन भेजा जा रहा है.

टिकटॉक की पेरेंट कंपनी 'बाइट डांस' है, जिसका मुख्यालय बीजिंग में है. ना सिर्फ़ भारत में बल्कि अमरीका में भी यह ऐप काफ़ी लोकप्रिय है.

एक अनुमान के मुताबिक़ टिकटॉक के दुनियाभर में क़रीब 50 करोड़ एक्टिव यूज़र्स हैं.

कंपनी ने पहले कहा था कि वह अमरीकी यूज़र्स के डेटा को चीनी सर्वर पर स्टोर नहीं करती है.

हालांकि डेटा संग्रह और सेंसरशिप की चिंताओं को लेकर कंपनी को उत्तरी अमरीका में बढ़ते दबाव का सामना करना पड़ रहा है.

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मुक़दमे में दावा किया गया है कि "कंपनी चोरी-छिपे अमरीकी यूज़र्स के डेटा का सफ़ाया कर रही है और उसे चीन के सर्वर में ट्रांसफ़र कर दिया गया है. इसमें बड़ी मात्रा में निजी और व्यक्तिगत रूप से पहचान किए जाने वाले डेटा हैं."

यह आरोप लगाए गए हैं कि डेटा का उपयोग "वर्तमान और भविष्य में" यूज़र्स की पहचान और उसे अमरीका में चिह्नित करने के लिए किया जा सकता है.

मुक़दमा एक लड़की ने दायर किया है, जिसका नाम मिस्टी हॉन्ग है और वो कैलिफ़ोर्निया की एक यूनिवर्सिटी में पढ़ रही हैं.

हॉन्ग का दावा है कि इस साल उन्होंने अपने मोबाइल में टिकटॉक ऐप इंस्टॉल किया था और उन्होंने इस पर अपना अकाउंट नहीं बनाया था.

उनका आरोप है कि महीनों बाद कंपनी ने ख़ुद से उनका अकाउंट बना दिया और "चुपके से" उन वीडियो को ले लिया, जिन्हें वो पब्लिश नहीं करना चाहती थीं.

डेटा चीन के टेनसेंट और अलीबाबा के सर्वरों को भेज दिया गया.

टिकटॉक ने इस पर टिप्पणी के अनुरोधों पर तुरंत प्रतिक्रिया नहीं दी है.

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टिकटॉक क्या है

टिकटॉक एक वीडियो ऐप है, जो ख़ासतौर पर युवाओं के बीच काफ़ी लोकप्रिय है.

भारत की एक बड़ी युवा आबादी इसका इस्तेमाल कर रही है और ख़ुद के वीडियो ऐप पर अपलोड करती है. इस पर मनोरंजन, शिक्षा, स्वास्थ्य से जुड़े वीडियो अपलोड किए जाते हैं.

इस पर अपलोड किए जाने वाले वीडियो 15 सेकंड या उससे कम के होते हैं और यूज़र्स मशहूर गानों और डायलॉग पर लिप सिंकिंग करते नज़र आते हैं. ग्रामीण इलाक़ों के लोग भी अपने वीडियो टिकटॉक पर अपलोड कर रहे हैं.

इस ऐप ने देश को कई स्टार दिए हैं. इस पर लोकप्रिय हो रहे यूज़र्स को फ़िल्मों और वीडियो सॉन्ग के ऑफर मिल रहे हैं. हरियाणा में हाल ही में हुए चुनावों में भाजपा ने एक टिकटॉक यूजर्स को चुनावी मैदान में उतारा था.

इसकी लोकप्रियता का आलम यह है कि बड़ी-बड़ी कंपनियां और कलाकार इस ऐप का इस्तेमाल अपने फैन फॉलोवर को बढ़ाने के लिए कर रहे हैं.

इसी साल अप्रैल में तमिलनाडु की एक अदालत ने टिकटॉक ऐप को कई ऐप स्टोर से हटाने का आदेश दे दिया था.

अदालत का कहना था कि इस ऐप के ज़रिए पोर्नोग्राफ़ी से जुड़ी सामग्री पेश की जा रही है. हालांकि कुछ हफ़्तों बाद इस बैन को हटा लिया गया था.

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