कोरोना लॉकडाउन ने डेटिंग और सेक्स संबंधों को कैसे और कितना बदला

Two lovers on separate tower blocks talking to each other
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लॉकडाउन ने डेटिंग करने का तरीका बदला

भारत में कोरोनावायरस के मामले

17656

कुल मामले

2842

जो स्वस्थ हुए

559

मौतें

स्रोतः स्वास्थ्य एवं परिवार कल्याण मंत्रालय

11: 30 IST को अपडेट किया गया

अच्छे दिनों में भी डेटिंग करने में मुश्किलें आ जाती हैं. ऐसे में मौजूदा वक़्त में इसकी कल्पना कीजिए, जब दुनिया की एक चौथाई आबादी को लॉकडाउन में रहना पड़ रहा है.

चीन से लेकर ब्रिटेन तक, स्पेन से लेकर भारत तक. हर जगह लोगों को सोशल डिस्टेंसिंग का अभ्यास करना पड़ रहा है. आम तौर पर किसी जान पहचान वाले शख़्स से मिलने के बाद हम जो व्यवहार करते हैं, उसके उलट करना सीखना पड़ रहा है.

ऐसे में सवाल यही है कि लॉकडाउन के चलते दुनिया भर में डेटिंग और रिलेशनशिप पर क्या असर पड़ा है?

दुनिया के पांच अलग-अलग हिस्सों से पांच शख़्स बता रहे हैं अपनी-अपनी डेटिंग की कहानी.

सोफी, 27 साल, शंघाई, चीन

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सोफी के मुताबिक अपनी बिल्ली के साथ डेटिंग ऐप्स को लेफ्ट राइट स्वाइप करना मनोरंजन का साधन बन गया है

वुहान में लॉकडाउन लगाए जाने से एक सप्ताह पहले ब्वॉयफ्रेंड से मेरा ब्रेकअप हो गया था. इसके बाद चीन के दूसरे शहरों में भी इसी तरह की पाबंदियां लग गईं. कोई नहीं जानता था कि ऐसा कुछ होगा. यह मेरे लिए और भी मुश्किल भरा है क्योंकि मुझे अकेले इसे झेलना पड़ रहा है.

ऐसे में मैंने डेटिंग ऐप्स का सहारा लिया. अपने अपार्टमेंट में अपनी बिल्ली के साथ बैठकर डेटिंग ऐप को लेफ़्ट राइट स्वाइप करना एक तरह से मनोरंजन का साधन बन गया है.

लेकिन इससे वास्तविकता में आप किसी चीज़ की पुष्टि नहीं कर सकते. मैं घंटों लड़कों से बात करती हूं, आप किसी से मुलाकात करने से पहले यही कर सकते हैं. क्योंकि सभी रेस्टोरेंट और पब्लिक प्लेसेज बंद हैं. अगर हम कोई खुला हुआ कैफे तलाश भी लेते हैं तो हमें हर वक़्त मास्क पहने रहना होगा. इससे डेटिंग का कोई मतलब नहीं रहेगा.

ऐसा लग रहा है कि आप पूरी तरह एकांत में हैं और कोई आपके एकांत को दूर नहीं कर सकता. यह सुरक्षित भी है लेकिन कई बार अपने किसी साथी तक पहुंचना चाहते हैं और उसे छूना चाहते हैं, महसूस करना चाहते हैं. यह तब भी मुश्किल होता है जब आप उस शख़्स को जानते हों जिसके साथ डेटिंग कर रही हों. ऑनलाइन डेटिंग में तो मुश्किलें और बढ़ जाती हैं, वह भी कोरोना वायरस के समय में.

आप एकदम अपरिचित शख़्स से कैसे मिलेंगी? जब आप यह नहीं जानती हैं कि आप दोनों कोरोना वायरस के संक्रमण से मुक्त हैं या नहीं? ऐसा करना जोख़िम भरा हो सकता है.

मैं अब डेटिंग ऐप्स से ब्रेक ले रही हूं क्योंकि मुझे लगता है कि इससे कुछ हासिल नहीं हो रहा है. ईमानदारी से कहूं तो, मुझे नहीं लगता है कि हालात बहुत जल्दी बेहतर होंगे. खासकर तब तक जब तक हम अपनी छोटी-छोटी दुनिया में मास्क के पीछे छिपे रहेंगे.

जेरेमी कोहन, 28 साल, ब्रूकलीन, अमरीका

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जेरेमी को मिला साथी, उसने अपने पड़ोसी को ड्रोन के जरिए भेजा अपना मोबाइल नंबर

अपने अपार्टमेंट में क्वारंटीन रहते हुए मैंने खुद को व्यस्त रखने के लिए आस पास की छतों पर मौजूद लोगों की तस्वीरें लेनी शुरू कर दिया. मैंने ऐसी तस्वीरों पर आधारित फोटो सिरीज़ शुरू कर दी.

कुछ दिन पहले, मैंने एक लड़की को छत पर नाचते हुए नोटिस किया. मैं उसकी एनर्जी के प्रति आकर्षित हो गया. मैं अपनी बालकनी में गया और हाथों के इशारे से उसे हाय कहा. उसने भी हाथों से इशारा किया.

मुझे उसी वक़्त आपस में कनेक्शन महसूस हुआ और मेरी इच्छा उसे संपर्क करने की हुई. जहां चाह हो वहां राह भी निकल ही आती है. मैंने ड्रोन लिया और अपने फोन नंबर के साथ एक नोट लिखा. उसे ड्रोन से चिपकाया और ड्रोन को उसकी छत पर उतार दिया.

एक घंटे के बाद उसका टेक्स्ट संदेश आ गया और हमारी बातचीत शुरू हो गई. मैंने उससे पूछा और उसकी रूममेट की मदद से डेट प्लान किया. लेकिन यह डेट एकदम अलग था, वह अपने छत पर थी और मैं अपने छत पर, लेकिन दोनों एक समान सिटिंग के साथ थे- एक छोटा सा टेबल, वाइन और खाना. इस डेट के दौरान पूरे समय तक हम फे़सटाइम वीडियो कॉल पर रहे, हम एक दूसरे को देख सकते थे और एक दूसरे को इशारे भी कर सकते थे.

हमारी दूसरी डेट भी ऑनलाइन बबल में हुई, मैं वास्तविकता में लाइन क्रॉस किए बिना लाइन क्रॉस करने के क़रीब पहुंचना चाहता था.

भारत में कोरोनावायरस के मामले

यह जानकारी नियमित रूप से अपडेट की जाती है, हालांकि मुमकिन है इनमें किसी राज्य या केंद्र शासित प्रदेश के नवीनतम आंकड़े तुरंत न दिखें.

राज्य या केंद्र शासित प्रदेश कुल मामले जो स्वस्थ हुए मौतें
महाराष्ट्र 1351153 1049947 35751
आंध्र प्रदेश 681161 612300 5745
तमिलनाडु 586397 530708 9383
कर्नाटक 582458 469750 8641
उत्तराखंड 390875 331270 5652
गोवा 273098 240703 5272
पश्चिम बंगाल 250580 219844 4837
ओडिशा 212609 177585 866
तेलंगाना 189283 158690 1116
बिहार 180032 166188 892
केरल 179923 121264 698
असम 173629 142297 667
हरियाणा 134623 114576 3431
राजस्थान 130971 109472 1456
हिमाचल प्रदेश 125412 108411 1331
मध्य प्रदेश 124166 100012 2242
पंजाब 111375 90345 3284
छत्तीसगढ़ 108458 74537 877
झारखंड 81417 68603 688
उत्तर प्रदेश 47502 36646 580
गुजरात 32396 27072 407
पुडुचेरी 26685 21156 515
जम्मू और कश्मीर 14457 10607 175
चंडीगढ़ 11678 9325 153
मणिपुर 10477 7982 64
लद्दाख 4152 3064 58
अंडमान निकोबार द्वीप समूह 3803 3582 53
दिल्ली 3015 2836 2
मिज़ोरम 1958 1459 0

स्रोतः स्वास्थ्य एवं परिवार कल्याण मंत्रालय

11: 30 IST को अपडेट किया गया

मैंने अपनी कहानी सोशल मीडिया पर पोस्ट किया और यह वायरल हो गई. हमारे पास ढेरों इंटरव्यू के अनुरोध आने लगे, इन्हें कॉर्डिनेट करते हुए भी हम एक दूसरे के क़रीब आए.

अगर लॉकडाउन नहीं होता तो यह संभवत नहीं हो पाता. मैं एक शानदार शख़्शियत से मिलकर बेहद खुश हूं. आम तौर पर मैं पहल नहीं करता. लेकिन एक कमरे में बंद होने के चलते ही मेरी क्रिएटिविटी ने मुझे दूसरे को अप्रोच करने के लिए प्रेरित किया.

क्लारेसी, 35 साल, किनसासा, डेमोक्रेटिक रिपब्लिक ऑफ कांगो (डीआरसी)

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क्लारेसी अपने ब्वॉयफ्रेंड को मिस कर रही हैं, उन्हें चिंता है कि उनका रिलेशनशिप खत्म हो जाएगा

कोविड-19 संक्रमण के दुनिया भर के लिए ख़तरा बनने से पहले मैं किसी के साथ कैजुएल रिलेशनशिप में थी. हम अमूमन हर दिन एक दूसरे से मिल रहे थे, लेकिन मैं मानसिक तौर पर इस रिलेशनशिप से जुड़ाव नहीं चाहती थी. मैं इसे धीमी रफ़्तार से बढ़ाना चाहती थी. लेकिन किसने सोचा होगा कि ऐसा कुछ होगा?

इस वक़्त डेमोक्रेटिक रिपब्लिक ऑफ कांगो में लॉकडाउन नहीं है लेकिन मैं स्वास्थ्य क्षेत्र में काम करती हूं, इसलिए मैंने इस वायरस के ख़तरे को गंभीरता से लिया है. इस बात ने उसे पागल कर दिया. मैंने चार सप्ताह पहले उससे मिलना बंद कर दिया. मैंने उसे समझाया भी कि यह ज़रूरी क्यों है. लेकिन उसे लगता रहा है कि मैं उससे दूर होने के लिए बहाना बना रही हूं.

मैं उसकी कमी महसूस करती हूं और मुझे यह भी लगता है कि मैंने अपने जीवन में किसी स्थायी तौर पर शामिल करने का एक मौका गंवा रही हूं. वह मेरा इंतज़ार नहीं करेगा, इस बात का डर भी सता रहा है. मैं शारीरिक अंतरंगता की कमी भी महसूस कर रही हूं.

हम सब को शारीरिक संबंधों की चाह होती है. ऐसे में आपको वैकल्पिक रास्ते तलाशने होते हैं. अच्छी बात यह है कि मेरा वाइब्रेटर हमेशा मेरा बेस्ट फ्रेंड साबित होता है. मुझे लगता है कि मेरे ब्वॉय फ्रेंड को यह मालूम था, इसलिए मुझे लगता है कि उसने अपनी ओर से संपर्क बनाए रखने की ज़्यादा कोशिश की.

इन सबने मुझे दुखी किया है और कई बार अकेलापन महसूस होता है. वह अब मुझसे ज़्यादा बातें नहीं करता. मेरे टेक्स्ट मैसेज का जवाब देरी से देता है. मैं कोशिश कर रही हूं कि उसे और खुद को इस वायरस से बचाऊं लेकिन मुझे लग रहा है कि संकट के इस दौर में हमारा रिलेशनशिप ख़त्म हो जाएगा.

देबास्मिता, 24 साल, नई दिल्ली, भारत

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देबास्मिता अपने नए पार्टनर के साथ वर्चुअल रिलेशनिप को एंजॉय कर रही हैं

मैंने अपने मौजूदा ब्वॉयफ्रेंड के साथ तीन महीने पहले डेटिंग शुरू की. हम एक शहर में रहते हैं तो मैं इस बात से राहत महसूस कर रही थी. क्योंकि इससे पहले के सारे रिलेशनशिप लॉन्ग डिस्टेंस रिलेशनशिप थे. मैं इस बात से खुश थी कि मैं ऐसे शख़्स के साथ हूं जिसके साथ इतना समय बिता सकती हूं.

हम एक ही दफ़्तर में काम करते हैं तो हम रोजाना एक दूसरे से मिल लेते थे. यह सब ब्लेसिंग जैसा लग रहा था कि अचानक लॉकडाउन ने हमारी रिलेशनशिप को लॉन्ग डिस्टेंस रिलेशनशिप में बदल दिया. यह खीझ पैदा करने वाला है क्योंकि हम लोग मानसिक तौर पर इसके लिए तैयार नहीं थे.

अब हम एक दूसरे से दिन भर में छह सात बार वीडियो कॉल पर बात करते हैं. हम एक दूसरे से बात करते हुए एक ही मूवी भी देखते हैं. कई बार हम एक जैसा ही खाना बनाते हैं. मुझे क्विज खेलना पसंद है तो अब हम ढेर सारा ऑनलाइन क्विज खेलते हैं. इन तरीकों के ज़रिए हम एक दूसरे से अलग रहते हुए एक साथ होने की कोशिश करते हैं. लेकिन इससे हमारा तनाव और चिंताएं बढ़ी हैं. हम अब एक दूसरे से ज़्यादा बहस करने लगे हैं. जब एक दूसरे के साथ होकर बात करते हैं तो स्थिति अलग होती है. तब समझाना आसान होता है, समझना भी आसान होता है.

हालांकि हम लोग इन बातों पर हंसते भी खूब हैं. अगर हम इस संकट से उबर पाए तो लोगों को बताएंगे कि रिलेशनशिप की शुरुआत में ही हमें कितनी बड़ी चुनौती का सामना करना पड़ा था. मुझे उम्मीद है कि ऐसा करना भी स्पेशल होगा.

जूली, 24 साल, इलिगन सिटी, फिलीपींस

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जूली को लॉकडाउन में हर दिन मास्टरबेट करना पड़ रहा है

मैं पिछले दो महीनों से टिंडर पर हूं. कोरोना वायरस की महामारी के चलते देश में लॉकडाउन लागू होने से पहले मैं किसी भी पुरुष के साथ डेट्स पर चली जाती थी. हमारे पास समय होता था तो सब कुछ करते थे, और क्या.

लेकिन अब अचानक से मेरे पास समय ही समय है, लेकिन मैं किसी से मिल नहीं सकती. मेरी सेक्स लाइफ़ बोरिंग हो गई है. मैं किसी को डेट नहीं कर रही हूं. यह निराश करने वाला है क्योंकि मैं अपनी शारीरिक इच्छाओं को पूरा करने के लिए मैं कुछ भी नहीं कर सकती.

हालांकि लॉकडाउन के दौरान मैं डेटिंग ऐप्स पर काफ़ी एक्टिव हूं. मैं पुरुषों से बात करती हूं, हम वीडियो कॉल पर बातें करते हैं और साइबर सेक्स भी. इससे हम दोनों की सेक्स की चाहत पूरी होती है. यह सब वास्तविक नहीं होता है, लेकिन हमारे पास विकल्प क्या है?

मैं इन पुरुषों से मिलना चाहती हूं लेकिन परिवहन का कोई साधन नहीं है और घरों से निकलने की इजाज़त नहीं है. मेरे लिए मुश्किल ज़्यादा ही है क्योंकि मुझे यूनिवर्सिटी की डॉरमेट्री में अकेली रहना पड़ रहा है, इन दिनों सेक्स संबंधों की चाहत भी ज़्यादा महसूस होती है. अब हर दिन मैं मास्टरेबट कर रही हूं, कई दिन तो एक बार से ज़्यादा. हो सकता है कि कुछ समय तक ऐसा ही चले.

सोफी (अनुरोध पर बदला हुआ नाम)

( स्टोरी को निकिता मंधानी ने लिखा है, लोरना हेनकिन ने संपादित किया है और इलेस्ट्रेशन निकिता देशपांडे का है.)

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