'चाँद अभियान ने एक पीढ़ी को प्रेरणा दी'

  • 21 जुलाई 2009
बुज़ एल्ड्रीन
Image caption 20 जुलाई, 1969 को पहली बार मानव ने चाँद पर क़दम रखा था

अमरीकी राष्ट्रपति बराक ओबामा ने मानव के चांद पर पहुँचने की 40वीं वर्षगाँठ पर इस अभियान का हिस्सा रहे वैज्ञानिकों की प्रशंसा करते हुए कहा है कि उनसे वैज्ञानिकों और इंजीनियरों की एक पीढ़ी को प्रेरणा मिली.

उन्होंने कहा कि अमरीकी अपोलो-11 अभियान का हिस्सा रहे अंतरिक्ष यात्री नील आर्मस्ट्रॉंग, बज़्ज़ एल्ड्रिन और माइकल कॉलिंस से प्ररेणा लेते रहेंगे.

ओबामा का कहना था, "हम समझते हैं कि हम सभी को उस क्षण को याद करना चाहिए जब मानव ख़ुद को इस गृह से मुक्त कर पाने में सक्षम हुआ था."

इससे पहले एल्ड्रिन और कॉलिंस ने मंगल ग्रह पर मानव को भेजने के अभियान का आह्वान किया.

चाँद की सतह पर पहला क़दम रखने वाले नील आर्मस्ट्रांग ने कहा कि चाँद तक पहुँचने की प्रतिस्पर्धा अंतत: शांतिपूर्ण रही थी.

ओबामा की मुलाक़ात

उनका कहना था कि चाँद पर जाने के लिए अमरीका और पूर्व सोवियत संघ की ओर से 'असाधारण राष्ट्रीय निवेश' किया गया.

ओबामा ने ऐसा वॉशिंगटन डीसी में नेशनल एयर स्पेस म्यूज़ियम में अपने भाषण में कहा. वहाँ आयोजित कार्यक्रम के बाद तीनों अंतिरक्ष वैज्ञानिकों ने व्हाइट हाउस में राष्ट्रपति बारक ओबामा से मुलाक़ात की.

इन वैज्ञानिकों से मिलने के बाद ओबामा ने कहा कि उनके लिए इन इतिहास निर्माताओं से मिलना बहुत ही सुखद अनुभव था.

ओबामा ने कहा कि इनकी उपलब्धियों न सिर्फ़ अमरीका बल्कि सारी दुनिया में समझ को नई उडा़न दी.

ग़ौरतलब है कि 20 जुलाई, 1969 को जब मानव ने चंद्रमा की सतह पर पहला क़दम रखा था तो उस समय ओबामा की उम्र सात साल थी.

चाँद पर पहुँचने के 40वीँ वर्षगाँठ के अवसर पर अमरीका में अंतरिक्ष अद्योग चाहता है कि ओबामा प्रशासन नासा के दल को अंतरिक्ष पर भेजने के मिशन को दोबारा शुरू करे - पहले चाँद पर और फिर मंगल ग्रह पर. वर्ष 1972 के बाद अमरीका के चांद अभियान को समाप्त कर दिया गया था.

बीबीसी न्यूज़ मेकर्स

चर्चा में रहे लोगों से बातचीत पर आधारित साप्ताहिक कार्यक्रम

सुनिए

संबंधित समाचार

संबंधित इंटरनेट लिंक

बीबीसी बाहरी इंटरनेट साइट की सामग्री के लिए ज़िम्मेदार नहीं है