मधुमक्खियाँ देती हैं ख़तरे का संदेश

  • 3 अगस्त 2009
Image caption मधुमक्खियाँ विगल डांस के ज़रिए अपने साथियों को ख़तरे के प्रति आगाह कर देती हैं.

अगर फूलों के आस-पास मंडराते समय मधुमक्खियों को ख़तरे का आभास होता है तो वे अपने ही अंदाज़ में अपने साथियों को ख़तरे के प्रति आगाह कर देती हैं.

वैज्ञानिकों को इस बात का तब पता चला जब उन्होंने कुछ फूलों के पास मरी हुई मधुमक्खियाँ रख दीं और फिर अध्ययन किया कि वहाँ आने वाली अन्य मधुमक्खियाँ ख़तरे के प्रति क्या प्रतिक्रिया देती हैं.

अध्ययन से पता चला कि ख़तरे को भाँपते ही वे एक अनोखे नृत्य (वैगल डांस) के ज़रिए दूसरी मधुमक्खियों तक संदेश पहुँचा देती हैं कि आगे ख़तरा है.

जब मधुमक्खियाँ अपने छत्ते की ओर वापस आती हैं तो ये एक जटिल किस्म का नृत्य करती हैं. इसके बारे में 40 साल पहले पता लगाया गया था.

ख़तरा

वैज्ञानिकों ने इस पर एक नया प्रयोग किया. मधुमक्खियों को दो कृत्रिम फूलों के पास भेजा गया जिनमें एक समान खाना उपलब्ध था. इनमें से एक फूल पर दो मरी हुई मधुमक्खियों को रख दिया गया ताकि बाकी आने वाली मक्खियाँ इसे देख सकें.

वैज्ञानिकों ने पाया कि जब मधुमक्खियों ऐसे फूलों के पास से वापस आती हैं जहाँ से उन्हें भरपूर खाना मिलेगा तो वे 20 से 30 बार ज़्यादा डांस करती हैं.

जबकि अगर उन्हें लगता है कि फूलों के आस-पास मकड़ियों आदि के जाल में फँसने का ख़तरा है तो वे छत्ते पर लौटकर ऐसा नहीं करती.

यानी मधुमक्खियों ये पता लगा लेती हैं कि कुछ फूलों के पास जाना ख़तरनाक हो सकता है और वे ख़तरे का ये संदेश अपने विगल डांस के माध्यम से दूसरे साथियों को भी देती हैं.

ये शोध ऐनिमल बिहेवियर पत्रिका में छपा है.

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