फ़ेसबुक पर निजता अब अधिक सुरक्षित

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Image caption कनाडा में तक़रीबन हर तीसरा व्यक्ति फ़ेसबुक पर है

कनाडा के कानूनों के चलते फ़ेसबुक अपने सभी उपयोगकर्ताओं या सदस्यों की गोपनीय जानकारियों को अधिक प्रभावी सुरक्षा प्रदान करेगा.

ये निर्णय फ़ेसबुक ने कनाडा के गोपनीयता आयुक्त के साथ चर्चा के बाद लिया है.

पिछले महीने पाया गया था कि सामुदायिक नेटवर्किंग की ये वेबसाइट उपयोगकर्ताओं की गोपनीय जानकारियों को हमेशा के लिए अपने पास रख कर कनाडा के कानूनों का उल्लंघन कर रही है.

फ़ेसबुक अब अपनी गोपनीयता नीति को अधिक पारदर्शी करने के लिए तैयार है.

वेबसाइट अब सदस्यों को ये साफ़-साफ़ बताएगी कि वो उनसे संबंधित कौन-कौन सी जानकारियाँ वो किस काम के लिए एकत्र कर रही हैं.

वेबसाइट अब सदस्यों को ये भी बताएगी कि वो अपने फ़ेसबुक खाते को किस तरह से हटा सकते हैं या निष्क्रिय कर सकते हैं.

कनाडा के गोपनीयता आयुक्त जेनिफर स्टोडार्ट ने कहा “इन परिवर्तनों का अर्थ ये है कि कनाडा और पूरे विश्व में फ़ेसबुक सदस्यों की जानकारियाँ अधिक सुरक्षित होंगीं.”

स्टोडार्ट ने कहा कि इस निर्णय का प्रभाव अन्य सामुदायिक नेटवर्किंग वेबसाइटों पर भी पड़ेगा.

फ़ेसबुक के वैश्विक संचार उपाध्यक्ष इलियट ने भरोसा जताया कि नए परिवर्तन इस उद्योग के लिए 'नए मापदंड स्थापित करेंगे.'

पारदर्शिता

फ़ेसबुक ने कहा है की अपनी गोपनीयता नीति में परिवर्तन के आलावा वो सदस्यों को उनसे जुड़ी उन जानकारियों पर अधिक नियंत्रण देगा जो फेसबुक के लिए ऑनलाइन गेम्स और क्विज़ बनाने वाले डेवलपर्स को उपलब्ध होती हैं.

दुनिया भर के 180 मुल्कों में क़रीब 9,50,000 ऐसे बाहरी डेवलपर्स हैं जो फ़ेसबुक सदस्यों के लिए गेम, क्विज़ या इसी तरह के अन्य ऍप्लिकेशन उपलब्ध करते हैं.

Image caption कनाडा फ़ेसबुक की सम्पूर्ण गोपनीयता नीतियों की जाँच करने वाला पहला देश है

नए परिवर्तनों के बाद अब डेवलपर्स को उपयोगकर्ताओं को ये साफ़-साफ़ बताना होगा कि वो कितनी और कौन सी जानकारी किसलिए चाहते हैं.

स्टोडार्ट का कहना है कि अब तक डेवलपर्स को उपयोगकर्ताओं की निजी जानकारियाँ बिना किसी बाधा के उपलब्ध थीं.

उनका कहना था, “अब फ़ेसबुक इस बात के लिए राज़ी हो गया है कि वो सदस्यों को इस बात की अधिक अधिकार देगी कि वो ये तय कर सकें कि वो अपनी कितनी और कैसी जानकारी डेवलपर्स के साथ बाँटना चाहते हैं."

वेबसाइट इस बात के लिए भी सदस्यों को प्रोत्साहित करेगी कि वो अपनी गोपनीयता सेटिंग्स पर दोबारा गौर करें. फ़ेसबुक ये भी साफ़ करेगा कि सदस्य अपने खाते को हटा सकते हैं या निष्क्रिय कर सकते हैं. वेबसाईट इन दोनों स्थितियों में अंतर भी साफ़ करेगी.

फ़ेसबुक के माइकल रिक्टर ने कहा अगर कोई सदस्य अपने खाते को निष्क्रिय करता है तो उससे संबंधित जानकारी को वो संभाल के रखेगें. उनका कहना था, “ऐसे सदस्यों को हमारा ये वादा है कि वो अगर अपना विचार बदल लेते हैं तो वो अपना खाता कभी भी वहीं से शुरू कर सकते हैं जहाँ से छोड़ा था.”

फ़ेसबुक ने कहा है कि परिवर्तनों पर काम तत्काल प्रभाव से शुरू हो जाएगा लेकिन इनको लागू होते-होते क़रीब एक वर्ष लग जाएगा.

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