खाने का समय और मोटापा

बेवक्त भोजन
Image caption मोटापे की जड़

अमरीका के उत्तर पश्चिमी इलिनॉय विश्वविद्यालय के शोध दल की एक खोज के नतीजे बताते हैं कि वज़न बढ़ने का संबंध इस बात से नहीं है कि आप कैसा खाना खाते हैं बल्कि इस बात से है कि आप कब खाना खाते हैं.

इलिनॉय विश्वविद्यालय के वैज्ञानिकों ने चूहों पर किए गए परीक्षणों में ये पाया कि देर रात या ग़लत वक्त पर खाने वाले चूहों ने सही समय पर खाने वाले चूहों से दोगुना वज़न बढ़ाया.

इस परीक्षण में दोनों प्रकार के चूहों को एक समान खाना और व्यायाम के बराबर अवसर दिए गए थे.

ओबेसिटी नाम की पत्रिका में छपे इस अध्य्यन से ये बात निकल कर आई है कि सही समय पर खाने या ग़लत समय पर खाने से मोटापे का गहरा संबंध है.

इस रिपोर्ट की प्रमुख लेखिका डियाना आर्बल का कहना था, "इस अध्ययन के केंद्र में वे लोग रहे, जो रात की शिफ्ट में काम करते हैं और उनका वज़न दिन में काम करने वालों के मुकाबले ज़्यादा होता है. यही देखकर हमें लगा कि देर रात को खाने से वज़न बढने का संबंध हो सकता है."

इस अध्ययन में चूहों के दो दलों पर छह सप्ताह तक परीक्षण किए गए. दोनों दलों को ज़्यादा वसायुक्त भोजन दिया गया लेकिन अलग-अलग समय पर.

चूहों के एक दल को वो भोजन उस समय दिया गया जब उनका सोने का वक्त था और दूसरे दल को सुबह भोजन दिया गया जो उनके जागने का वक्त था.

अभूतपूर्व परीक्षण

परीक्षण के नतीजों में देखा गया कि देर रात खाना खाने वाले चूहों ने सुबह खाने वाले चूहों से दोगुना वज़न बढ़ा लिया था, बावजूद इसके कि दोनो दलों के चूहों को एक जैसा खाना और कसरत का समय भी एक बराबर दिया गया था.

मोटापे की समस्या को लकेर हुए ताज़ा अध्ययनों में ये नतीजे देखने में आए हैं कि शरीर की ऊर्जा बनाने और उसे इस्तेमाल करने की रफ़्तार का मोटापे से संबंध होता लेकिन इसका सही-सही अनुमान लगा पाना मुश्किल है, क्योंकि भोजन से ऊर्जा बनाने औऱ उसे इस्तेमाल करने की रफ़्तार लोगों के शरीर में अलग-अलग होती है.

इस अध्ययन दल के एक अन्य वैज्ञानिक फ्रैड ट्युरैक का कहना था, "ये पता लगाना वास्तव में बड़ा जटिल है कि किसी व्यक्ति का वज़न क्यों और कैसे बढ़ जाता है. लेकिन एक बात स्पष्ट है कि वज़न बढ़ने का संबंध मात्र इसी से नहीं है कि कितनी कैलोरी हम भोजन में लेते हैं और कितनी इस्तेमाल होती है. भोजन करने के सही समय का चुनाव, मोटापे की बढ़ती समस्या पर नियंत्रण पाने में सहायक हो सकता है."

नेशनल ओबेसिटी फ़ोरम के टैम फ्राई कहते हैं कि ये अभूतपूर्व परीक्षण है. सोचना पड़ता है कि इससे पहले हमने ये परीक्षण क्यों नहीं किए. वैज्ञानिकों को उम्मीद है कि अब वे इस मोटापे के बढ़ने की प्रक्रिया का भी पता लगा सकेंगे.

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