जल्दी चलेगा कैंसर का पता

कैंसर
Image caption आंत और पेट के कैंसर से बड़ी संख्या में लोगों की मौत होती है

वैज्ञानिकों ने दो नए टेस्ट विकसित किए हैं जिनकी मदद से आंत और पेट के कैंसर के बारे में अब और जल्द पता लग जाएगा.

आंत और पेट के कैंसर बेहद ख़तरनाक माने जाते हैं और उनसे बड़ी संख्या में लोगों की मौत होती है.

बेल्जियम की फ़र्म आंकोमेथाइलोम ने पहला टेस्ट विकसित किया है जबकि दूसरा टेस्ट जर्मनी के वैज्ञानिकों ने तैयार किया है.

इन दोनो टेस्ट में ख़ून के नमूनों की मदद से कैंसर का पता लगाया जाता है.

कोलोनोस्कोपी जैसे पहले के टेस्ट की तुलना में जो नई पद्धति विकसित हुई है उसमें बड़े ऑपरेशन की ज़रूरत नहीं पड़ती.

अमरीका और यूरोप में आंत के कैंसर से मरने वाले लोगों की संख्या बहुत अधिक है. कैंसर से जितनी मौतें होती हैं उनमें आंत का कैंसर दूसरा सबसे बड़ा कारण है.

आंकोमेथाइलोम के जूस्ट लूवैगी का कहना है कि इस टेस्ट को कोई भी नर्स या डॉक्टर बिना किसी ख़ास उपकरण या प्रशिक्षण की मदद के बिना भी कर सकते हैं.

उलरिक स्टेन ने अपनी खोज को बर्लिन की इको-एस्मो यूरोपियन कांग्रेस में पेश किया था.

वो कहती हैं, “कैंसर के मरीज़ों में S100A4 जीन की मात्रा ज़्यादा होती है. अगर कैंसर के मरीज़ के ख़ून में इस जीन की मात्रा का पता लगा लिया जाए, तो कैंसर के इलाज में मदद मिलेगी.”

रॉटरडैम के इरैज़मस विश्वविद्यालय के अर्नस्ट क्यूपर्स का कहना है कि इस टेस्ट से कैंसर की जाँच को एक आसान तरीक़े से करने में मदद मिलेगी. क्यूपर्स खुद इस शोध में शामिल नहीं थे.

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