जहाँ भी जाएँगे टीवी पाएँगे

Image caption टीवी देखने के लिए टीवी स्क्रीन ज़रूरी नहीं

कंप्यूटर चिप बनाने वाली कंपनी इंटेल का कहना है कि अगले छह वर्षों में दुनिया भर में 12 अरब ऐसे उपकरण होंगे जिन पर 500 अरब घंटे के टीवी कार्यक्रम देखे जा सकेंगे.

इंटेल का कहना है कि उसका लोगों को हर जगह टीवी उपलब्ध कराने का इरादा है, ऐसा टीवी जो लोगों की व्यक्तिगत, सामाजिक और सूचना की ज़रूरतों के अनुरुप होगा.

इंटेल के मुख्य टेक्नॉलॉजी अधिकारी जस्टिन रैटनर ने बीबीसी को बताया, "टीवी सिर्फ़ एक बक्सा नहीं है या दीवार पर लगा फ्लैट स्क्रीन भी नहीं है, टीवी हमारे जीवन के केंद्र में है, आप वही सब कुछ देख सकेंगे जो आप देखना चाहें, जब देखना चाहें."

इंटेल के एक आयोजन में उन्होंने कंपनी की योजनाओं के बारे में बताया, "हमारा लक्ष्य है कि हर व्यक्ति के पास एक या उससे अधिक उपकरण हों जिन पर वह टीवी देख सके, लोग जहाँ होंगे उन्हें कोई न कोई स्क्रीन उपलब्ध होगा ताकि वे अपनी मनचाही चीज़ें देख सकें."

रैटनर का कहना था कि इसी समय लोगों के पास स्मार्टफ़ोन, लैपटॉप और डेस्कडॉप जैसे कई उपकरण मौजूद हैं जिन पर टीवी देख पाना संभव है, इसे सिर्फ़ आसान और सुलभ बनाए जाने की ज़रूरत है.

सिस्को के उपाध्यक्ष मलाशी मॉनिहन का कहना है कि आने वाले दौर में विशेष वीडियो कार्यक्रम तैयार किए जाएँगे जिसे लोग कहीं भी देख सकेंगे, उनका कहना है कि "इंटरनेट पर लोग अधिक से अधिक वीडियो देखेंगे और अगले पाँच साल में इंटरनेट का मुख्य काम वीडियो दिखाना बन जाएगा."

इंटेल का कहना है कि वे इसे आसान और सादा बनाए रखना चाहते हैं ताकि लोगों को इंटरनेट की जटिलता में उलझाए बिना टीवी देखने का मज़ा दिया जा सके.

इंटेल की योजना मोबाइल टीवी दिखाने वाले विशेष उपकरण बनाने की भी है, रैटनर का कहना है कि थ्री-डी टीवी पर भी ख़ासा ध्यान दिया जा रहा है, सोनी और पैनासोनिक ने अगले वर्ष थ्री-डी टीवी लॉन्च करने की घोषणा की है. सैमसंग और मित्शुबिशी ने तो हाल ही में कुछ उत्पाद बाज़ार में उतारे हैं.

रैटनर ने इंटेल के कॉन्फ्रेंस में अपनी बात थ्री-डी डिजिटल लाइव ब्रॉडकास्ट के ज़रिए कही, जानकारों का कहना है कि थ्री-डी टीवी का बाज़ार 2010 के बाद बहुत तेज़ी से बढ़ेगा 2012 तक 25 अरब डॉलर तक जा पहुँचेगा.

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