कल्पना शक्ति से दर्द का इलाज

पेट दर्द
Image caption बच्चों में पेट दर्द की शिकायत बड़ी आम है.

एक अनुसंधान के अनुसार बच्चों को बार बार होने वाले पेट दर्द से निपटने के लिए कल्पना का सहारा लेना सिखाया जा सकता है.

इसके लिए इस्तेमाल की गई सीडी से बच्चों को बादलों पर तैरने जैसे दृश्यों की कल्पना करने को प्रेरित किया गया जिसके बाद उनके पेट दर्द में नाटकीय ढंग से सुधार देखा गया.

अमरीकी अनुसंधानकर्ताओं का कहना है कि यह तकनीक बच्चों में बहुत कारगर होती है क्योंकि उनमें कल्पनाशीलता अधिक होती है.

अनुमान है कि पांच में से एक बच्चा अक्सर पेट दर्द की शिकायत करता है जबकि उसके कोई स्पष्ट कारण नहीं होते.

इस अध्ययन में बच्चों के साथ 'गाइडिड इमेजरी' के 20 मिनट के सेशन किये गए. इस तकनीक में बच्चों को ऐसे विषयों की कल्पना करने को प्रेरित किया जाता है जिससे उनका दर्द घट सके.

अमरीका के नॉर्थ कैरोलाइना विश्वविद्यालय और ड्यूक विश्वविद्यालय के चिकित्सा केंद्र के अनुसंधानकर्ताओं ने कहा कि चिकित्सकों के अभाव में उन्हे इस सेशन में सीडी का इस्तेमाल करने का विचार आया.

कुल मिलाकर इस अध्ययन में छह से 15 साल के 30 बच्चों ने भाग लिया. इनमें से आधों ने रोज़ाना आठ सप्ताह तक उस सीडी का इस्तेमाल किया जबकि बाक़ी बच्चों का सामान्य इलाज किया गया.

जिन बच्चों ने सीडी का इस्तेमाल किया था उनमें से 73.3 प्रतिशत ने बताया कि इलाज के अंत तक उनके पेट का दर्द आधे से भी कम हो गया था जबकि बाक़ी बच्चों में केवल 26.7 प्रतिशत ने पेट दर्द में कमी बताई.

चिंता

ये अभी स्पष्ट नहीं कि यह तकनीक किस तरह काम करती है लेकिन अध्ययन बताते है कि चिंता कम करने से दर्द पर सीधा असर पड़ता है.

अध्ययन दल की प्रमुख डॉ मिरांडा वैन टिल्बर्ग का कहना है कि यह अध्ययन बड़ा उत्साहवर्द्धक रहा क्योंकि बच्चे इस तकनीक को स्वयं इस्तेमाल कर सके.

उनका कहना है कि ऐसे इलाज बहुत सस्ते पड़ते हैं और इन्हे अन्य उपचारों के साथ भी इस्तेमाल किया जा सकता है. इसलिए बहुत से बच्चो को इससे लाभ हो सकता है.

डॉ टिल्बर्ग ने कहा, “बच्चे अपनी कल्पना शक्ति का इस्तेमाल करने में बहुत पारंगत होते हैं. अगर आप इस विधि का वयस्कों पर इस्तेमाल करें तो आपको सबसे पहले अवरोध का सामना करना पड़ेगा”.

इंगलैंड के वेस्टर्न ससेक्स अस्पताल में पेट की बीमारियों के बाल विशेषज्ञ प्रोफ़ेसर डेविड कैंडी का कहना है कि उनके दल ने पेट दर्द की शिकायत वाले बच्चों के छोटे से एक समूह पर सम्मोहन विधि का इस्तेमाल किया था जिसमें उन्हे शत प्रतिशत सफलता मिली थी.

प्रोफ़ेसर कैंडी अब इस 'गाइडिड इमेजरी' तकनीक का इस्तेमाल करना चाहते हैं.

संबंधित समाचार