कोपेनहेगेन: लक्ष्य और मुद्दे

ग्लेशियर
Image caption लक्ष्य तय करने की कोशिश होगी.

कोपेनहेगेन में होने वाले जलवायु परिवर्तन सम्मेलन में जिन सवालों पर विचार किया जाएगा, उनमें प्रमुख हैं- धनी देशों के कार्बन उत्सर्जन में कटौती के बाध्यकारी लक्ष्य, विकासशील देशों से उनके लगातार बढ़ते उत्सर्जन को धीमा करने की अपेक्षा और जलवायु परिवर्तन के ख़तरे से बचने के उपायों के लिए ग़रीब देशों की मदद का सवाल.

और भी कई सवाल उठेंगे, जैसे- दुनिया भर में हो रहे ग्रीनहाउस गैसों के उत्सर्जन की मात्रा का हिसाब कौन रखे, जलवायु परिवर्तन को लेकर उपलब्ध कराए जाने वाले धन का वितरण का ज़िम्मा किसे दिया जाए और साफ़-सुथरे ऊर्जा संसाधनों के विकास और उन्हें छोटे-बड़े सभी देशों को उपलब्ध कराने की ज़िम्मेदारी कौन उठाए?

लेकिन इन सारे सवालों और सुझावों की बुनियाद में दो संख्याएँ हैं- 2 और 2.5

पहले बात करते हैं, पहली संख्या यानि 2 की. यूएनएफ़सीसीसी से जुड़े 192 देशों में इस बात पर सहमति है कि धरती के गर्म होते जाने का असर जलवायु और जैव-विविधता पर पड़ना अवश्यंभावी है.

इस बात पर भी लगभग आम सहमति है कि ग्लोबल वार्मिंग के दुष्प्रभावों को नियंत्रित करने की करने की कोई गुंजाइश बचे, इसके लिए ज़रूरी है कि औद्योगीकरण से पहले के मुक़ाबले धरती के तापमान में वृद्धि 2 डिग्री सेल्सियस से ज़्यादा नहीं हो.

कितनी कटौती?

धरती के तापमान में 2 डिग्री सेल्सियस से ज़्यादा की वृद्धि नहीं हो, इसके लिए ज़रूरी है कि वातावरण में कार्बन की मात्रा में 250 अरब टन या 2.5 लाख मेगाटन से ज़्यादा की वृद्धि नहीं हो.

2.5 लाख मेगाटन कार्बन क़रीब 9 लाख मेगाटन कार्बन डाइऑक्साइड के बराबर होगा.

वैज्ञानिकों ने अलग-अलग ढंग से गणना करके ये निष्कर्ष निकाला है कि वातावरण में कार्बन की मात्रा को 7.5 लाख मेगाटन तक सीमित रखा जाए तो इस बात की 75 प्रतिशत संभावना है कि ग्लोबल वार्मिंग को 2 डिग्री सेल्सियस के दायरे में समेटा जा सकेगा.

इस 7.5 लाख मेगाटन कार्बन में से 5 लाख मेगाटन कार्बन मानवीय गतिविधियों, मुख्यत: जैव ईंधन को जलाने और जंगलों को काटने के कारण, पहले ही वायुमंडल में प्रवेश कर चुका है.

यानि गुंजाइश सिर्फ़ 2.5 लाख मेगाटन अतिरिक्त कार्बन उत्सर्जन की रही जाती है. इसके लिए ज़रूरी है कि वैश्विक कार्बन उत्सर्जन में भारी कमी की जाए, जंगलों की कटाई कम की जाए और ऊर्जा के स्वच्छ स्रोतों को बढ़ावा दिया जाए.

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