यूरोप में मिले नरभक्षण के प्रमाण

  • 6 दिसंबर 2009
मानव हड्डियां
Image caption जर्मनी में 7,000 साल पुराने क़ब्रिस्तान में नरभक्षण के प्रमाण मिले

पुरातत्ववेत्ताओ को दक्षिण पश्चिम जर्मनी में सात हज़ार साल पुराने क़ब्रिस्तान में सामूहिक नरभक्षण के प्रमाण मिले हैं.

ऐन्टिक्विटी नामक पत्रिका में प्रकाशित इस शोध के लेखकों का कहना है कि यूरोप के आरंभिक नवप्रस्तर काल में नरभक्षण प्रचलित था.

हर्क्सहेम नामक गांव के पास कोई 500 मानव अवशेष मिले हैं जिनका भक्षण किया गया था.

शोधकर्ताओं का कहना है कि इनमें बच्चों और भ्रूणों के अवशेष भी शामिल हैं जिनके अंग जान-बूझ कर भंग किए गए.

इस क़ब्रिस्तान की सबसे पहली खुदाई 1996 में हुई थी और उसके बाद वर्ष 2005 और 2008 में और खोज हुई.

शोध दल के प्रमुख और फ़्रांस के बोर्दो विश्वविद्यालय के ब्रूनो बोलस्टिन ने बीबीसी को बताया कि उन्होंने और उनके सहयोगियों को इस बात के सबूत मिले हैं कि मानव हड्डियों को जान-बूझ कर काटा गया और तोड़ा गया जो नरभक्षण का प्रमाण है.

उन्होने कहा, "हमें जानवरों की हड्डियों पर ऐसे नमूने मिले जो दिखाते हैं कि उन्हेx आग पर भूना गया था. और इसी तरह के नमूने मानव अस्थियों पर भी मिले हैं."

हालाXकि डॉ बोलस्टिन ने ज़ोर देकर कहा कि ये प्रमाणित करना मुश्किल है कि इन हड्डियों को पकाया गया.

कुछ वैज्ञानिक नरभक्षण के इस अनुमान को सही नहीं मानते. उनका तर्क है कि हड्डयों से गोश्त हटाना नरभक्षण का प्रमाण न होकर दफ़नाने के अनुष्ठान का हिस्सा हो सकता है.

लेकिन डॉ बोलस्टिन का कहना है कि खुदाई में मिले मानव अवशेष ये दिखाते हैं कि जान-बूझ कर अंग भंग किए गए और हड्डियों को चबाया गया जो नरभक्षण का प्रमाण है.

आरंभिक नवप्रस्तर काल में मध्य यूरोप में पहली बार खेती का विस्तार हो रहा था. शोध दल का मानना है कि यूरोप में नरभक्षण असाधारण परिस्थितियों में ही होता रहा होगा जैसे जब सूखा पड़ा हो.

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