कोपेनहेगन से कोई भी संतुष्ट नहीं: मनमोहन सिंह

  • 3 जनवरी 2010

भारत के प्रधानमंत्री मनमोहन सिंह ने कहा है कि जलवायु परिवर्तन के मुद्दे पर कोपेनहेगन सम्मलेन के नतीजों से कोई भी संतुष्ट नहीं है.

मनमोहन सिंह ने ये भी कहा है कि दुनिया भर के देश जलवायु परिवर्तन से होने वाले बदलावों को ध्यान में रख कर वैकल्पिक ऊर्जा के स्रोतों पर ध्यान दे रहे हैं और भारत को इस तरह की रणनीति बनाने में पीछे नहीं रहना चाहिए.

केरल की राजधानी तिरुअनंतपुरम में भारतीय विज्ञान कांग्रेस के 97वें अधिवेशन का उदघाटन करते हुए प्रधानमंत्री ने भारतीय वैज्ञानिकों और तकनीकी संस्थाओं से देश के विकास में अहम भूमिका की गुहार की.

कड़े सुरक्षा इंतज़ाम के बीच रविवार सुबह प्रधानमंत्री मनमोहन सिंह करीयत्तम स्थित केरल विश्वविद्यालय परिसार पहुँचे जहाँ उन्हें पारंपरिक 'रोब' पहनाई गई और फिर उन्हें मंच पर आमंत्रित किया गया.

Image caption साइंस कांग्रेस का आयोजन तिरुअनंतपुरम में किया गया है.

विज्ञान कांग्रेस के पहले दिन प्रधानमंत्री मनमोहन सिंह का भाषण सुनने क़रीब छह हज़ार लोग सुबह सात बजे से ही विश्वविद्यालय परिसर की ओर आने लगे थे.

'लाल फ़ीताशाही से बचें'

प्रधानमंत्री ने अपने भाषण में कहा," मुझे इस बात की ख़ुशी है कि नए साल का मेरा पहला सार्वजनिक कार्यक्रम इस विज्ञान कांग्रेस का उदघाटन है. अगर 21वीं सदी में भारत को ज्ञान का एक महाशक्ति बनना है तो ये विज्ञान और तकनीक में गुणवत्ता हासिल करने से ही संभव है. मुझे याद है की तिरुअनंतपुरम शहर से ही भारतीय अंतरिक्ष अनुसंधान की शुरुआत हुई थी."

भारतीय मूल के नोबेल पुरस्कार विजेता डॉ. वेंकटरमण रामकृष्णन की सराहना करते हुए प्रधानमंत्री ने ज़ोर देकर कहा, "मैंने डॉक्टर रामकृष्णन के उस बयान पर भी गौर किया है जिसमें उन्होंने भारत में लाल फीताशाही और स्थानीय राजनीति से तकनीक और विज्ञान को मुक्त कराने की बात कही थी. ये दुर्भाग्यपूर्ण लेकिन सच है कि राजनीतिक हस्तक्षेप और लाल फीताशाही से विज्ञान के कुछ क्षेत्र प्रभावित हुए हैं. मैं चाहता हूँ कि आप इन तमाम मुद्दों पर विचार-विमर्श करें और हमसे संपर्क में रहते हुए काम करें जिससे भारतीय विज्ञान और तकनीक को इन सब कमियों से आज़ाद कराया जा सके."

इसरो और केरल विश्वविद्यालय की ओर से आयोजित की जा रही भारतीय विज्ञान कांग्रेस के पहले दिन प्रधानमंत्री का भाषण सुनने के लिए भारतीय विज्ञान जगत की नामी गिरामी हस्तियाँ, वैज्ञानिक और मंत्री मौजूद थे.

प्रधानमंत्री के साथ उनकी पत्नी गुरशरण कौर के अलावा केंद्रीय मंत्री व्यालार रवि, शशि थरूर, पृथ्वीराज चौहान और केरल के मुख्यमंत्री वी अच्युतानंदन भी मौजूद थे .

प्रधानमंत्री अपने मंत्रिमंडल के कई सदस्यों के साथ दो दिवसीय केरल दौरे पर हैं.

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