ओबामा ने चंद्र अभियान को रद्द किया

  • 2 फरवरी 2010
ओरियन
Image caption नासा ओरियन अंतरिक्ष यान से 2020 तक फिर से मानवों को चाँद पर भेजना चाहती थी

अमरीका के राष्ट्रपति बराक ओबामा ने मानव को फिर से चाँद पर भेजने की अमरीकी परियोजना रद्द कर दी है.

कॉन्स्टेलेशन नामक इस परियोजना के तहत वर्ष 2020 तक नए तरह के रॉकेटों और ओरियन नामक अंतरिक्ष यान से अंतरिक्ष यात्रियों को चंद्रमा की सतह पर उतारा जाना था.

मगर ओबामा ने अपने नए बजट में कहा है कि ये परियोजना बहुत ख़र्चीली है, तय कार्यक्रम से काफ़ी पीछे चल रही है और इसमें कोई नवीनता नहीं दिखाई दे रही.

ओबामा ने कहा कि इस अभियान के कारण अमरीकी अंतरिक्ष एजेंसी नासा के दूसरे अभियानों के लिए संसाधनों की कमी हो रही थी.

वैसे ओबामा ने कहा कि चाँद पर मानव भेजने के लिए निजी क्षेत्र को आगे आने के लिए कहा जा सकता है.

चंद्र अभियान रद्द करने के फ़ैसले की अमरीकी संसद के उन सदस्यों ने तत्काल आलोचना की है जो इस अभियान में काम करनेवाले लोगों का प्रतिनिधित्व करते हैं.

तीन प्रदेशों - अलाबामा, फ़्लोरिडा और टेक्सास - की चंद्र परियोजना में ख़ासी हिस्सेदारी थी और वहाँ के राजनेताओं ने कहा है कि वे संसद में इस प्रस्ताव का विरोध करेंगे.

अभियान

चंद्र अभियान की शुरूआत अमरीकी राष्ट्रपति जॉर्ज बुश ने वर्ष 2003 में की थी जब सात अंतरिक्ष यात्रियों को लेकर पृथ्वी पर लौट रहा एक अंतरिक्ष यान दुर्घटनाग्रस्त हो गया.

इस अभियान को शुरू करने का ध्येय पुराने अंतरिक्षयानों को हटाकर उनकी जगह नए तरह के अंतरिक्षयानों को लाना था जिनसे कि मानवों को पृथ्वी की कक्षा से परे भेजा सके.

मगर आलोचकों का कहना है कि ये कार्यक्रम शुरु से ही पैसे की तंगी झेल रहा था और जब इसके साथ तकनीकी गड़बड़ियाँ हुईं तो देर होना स्वाभाविक है.

इस अभियान पर अभी तक नौ अरब डॉलर ख़र्च हो भी चुके हैं.

बजट में नासा के लिए अगले पाँच वर्षों में अतिरिक्त छह अरब डॉलर का निवेश करने का प्रस्ताव रखा गया है जिसके बाद वर्ष 2011 में नासा को 19 अरब डॉलर दिए जाएँगे.

वैसे बजट में भविष्य में मानवों के पृथ्वी से बाहर जाने के अभियान की संभावना को सिरे से ख़त्म नहीं किया गया है.

बजट में नासा से आह्वान किया गया है कि वह ऐसे भारी रॉकेटों के विकास के बारे मे शोध करे जिनसे कि भविष्य में मानवों को और दूर तथा और अधिक रफ़्तार से अंतरिक्ष में भेजा जा सके.

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