भारत ने बनाई आतंकरोधी गाड़ी

आतंक रोधी गाड़ी
Image caption दिल्ली में प्रदर्शित की गई आतंकरोधी गाड़ी

हाल ही में मुंबई में चरमपंथी हमले को देखते हुए भारत ने आतंकरोधी गाड़ी बनाई है. ये छोटी बख़्तरबंद गाड़ी दो सुरक्षाकर्मियों को घटनास्थल पर ले जाने में सक्षम है.

इस गाड़ी को इंडियन आर्म्स फेयर में प्रदर्शित किया गया है. एयरपोर्ट, होटल जैसे सीमित जगहों पर चरमपंथी हमले से निपटने के लिए इसे डिज़ाइन किया गया है.

बैटरी से चलने वाली इस गाड़ी को बनाने में क़रीब 20 लाख रूपए की लागत आई है. इस गाड़ी का नाम एंटी टेरेरिस्ट एसॉल्ट कार्ट (एटैक) है और इसे बनाने वाली कंपनी है मेटलटेक मोटर बोडीज़ प्राइवेट लिमिटेड.

इसके प्रबंध निदेशक जेबी सहरावत का कहना है, “ये चरमपंथियों का मुक़ाबला कर सकती है और नागरिकों को बाहर ला सकती है. हमलों में लाचार घायलों को देखते हुए हमने ये उत्पाद बनाया है.”

कंपनी का कहना है कि ये गाड़ी ग्रेनेड के धमाके को भी सह सकती है. इसकी अधिकतम गति क़रीब 25 किलोमीटर प्रति घंटा है और एक बार बैटरी चार्ज होने पर छह घंटे तक चलती है.

बुलेटप्रूफ खिड़कियों से लैस इस गाड़ी में कई फाइरिंग पोर्ट्स हैं. इसका वजन क़रीब आधा टन है.

दिल्ली में आयोजित आर्म्स फेयर में दर्शकों और सैन्य वैज्ञानिकों के बीच इस गाड़ी की काफ़ी प्रशंसा हो रही है. इस ट्रायल का प्रायोजक राष्ट्रमंडल खेल हैं.

इस वर्ष दिल्ली में राष्ट्रमंडल और हॉकी विश्व कप का आयोजन हो रहा है इसलिए भारत दूसरे देशों को आश्वासन देना चाहती है कि दिल्ली सुरक्षित रहेगी और चरमपंथी हमले से मुक्त रहेगी.

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