वैज्ञानिक परियोजनाओं को 'नुक़सान' हुआ

  • 18 फरवरी 2010
जलवायु परिवर्तन
Image caption जलवायु परिवर्तन सम्मेलन के बाद इसे लेकर पिछले दिनों बड़े विवाद हुए हैं

एक बड़े वैज्ञानिक ने कहा है कि हाल ही में जलवायु परिवर्तन को लेकर जो विवाद हुआ है उसने और ईमेल लीक करने की घटनाओं ने दुनिया भर में वैज्ञानिक परियोजनाओं को बहुत नुक़सान पहुँचाया है.

अमरीकन एसोसिएशन फ़ॉर द एडवांसमेंट ऑफ़ साइंस (एएएएस) के अध्यक्ष डॉ पीटर एग्रे ने कहा है कि वैज्ञानिकों को समाज के साथ एक सेतु बनाना चाहिए.

उनका कहना है कि पेशेगत ग़लत व्यवहार हर तरह के विज्ञान को नुक़सान पहुँचाते हैं और वैज्ञानिकों को उनसे बचने की हर संभव कोशिश करनी चाहिए.

उल्लेखनीय है कि एक ब्रितानी विश्वविद्यालय से लीक हुए ईमेल ने यह विवाद खड़ा कर दिया है कि शोधकर्ता जलवायु परिवर्तन पर असुविधाजनक सच को छिपा रहे हैं.

इसके बाद इस स्वीकारोक्ति ने एक विवाद खड़ा कर दिया कि आईपीसीसी कि रिपोर्ट में यह कहा जाना कि हिमालय के ग्लेशियर वर्ष 2035 तक पिघल जाएँगे, ग़लत आंकड़ों पर आधारित था, और ऐसा कुछ नहीं होने जा रहा है.

नोबल पुरस्कार से सम्मानित पीटर एग्रे ने कहा कि शोध के महत्व को समाज के समझाने के लिए दोगुनी मेहनत करनी चाहिए.

उनका सुझाव है कि जब परंपरागत तरीक़े विफल हो जाएँ तो विज्ञान को कूटनीति का एक रास्ता बनाया जा सकता है.

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