चींटी को 'चींटी' ही मत समझिए

एशिन वीवर चींटी
Image caption अपने वजन से सौ गुना ज़्यादा वजन उठाती चींटी...

क्या आप अपने वजन के बराबर वजन उठा सकते हैं? अगर नहीं तो ज़रा सोचिए कि कोई अपने वजन से 100 गुना वजन उठाए तो...

अफ़सोस इसे किसी इंसान ने नहीं, एक चींटी ने कर दिखाया है. 'शत सैया के दोहरे ज्यों नावक के तीर, देखन में छोटन लगैं घाव करै गंभीर' जैसे जुमले की सच्ची मिसाल है एशियन वीवर चींटी.

आपने चींटी और हाथी पर आधारित चुटकुले और कहानियां तो बहुत सुने होंगे. सभी कहानियां और चुटकुले आपको हैरत में ज़रूर डाल देते होंगे कि भला चींटी से ऐसा कैसे हो सकता है.

इस तस्वीर को गौर से देखिए, ये किसी चित्रकार की कल्पना नहीं बल्कि एक चींटी की तस्वीर है जो अपने भार से 100 गुना ज़्यादा वजन उठा रही है.

एशियन वीवर नाम की ये चींटी शीशे की समान सतह पर उल्टा लटककर जबड़े से ये वजन उठा रही है. साइंस फोटोग्राफी प्रतियोगिता में इस तस्वीर को प्रथम पुरस्कार मिला है.

ये तस्वीर कैंब्रिज विश्वविद्यालय के जीव विज्ञान विशेषज्ञ डॉक्टर थॉमस इंडलेन ने उतारी है. वे कीटों के पैरों की चिपचिपाहट पर शोध किए हैं.

इस शोध में दिखाया गया कि कैसे चींटियां भारी चीज़ों को उठाने के लिए अपने पैरों की गद्दियों के आकार और बनावट को बदल लेती हैं.

डॉक्टर थॉमस इंडलेन का कहना है कि चींटियों के पैरों की गद्दियां किसी भी तरह के सतह पर चिपक सकती है और इसकी साफ-सफाई भी स्वतः होती है.

उन्हें उम्मीद है कि ये शोध वैज्ञानिकों को बेहतर ग्लु यानि चिपकने वाला पदार्थ बनाने में मदद कर सकता है.

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