मां को मार रहा है एड्स

  • 3 मार्च 2010
Image caption एड्स कार्यक्रम अभी भी महिलाओं को ध्यान में रखकर नहीं बन रहे.

संयुक्त राष्ट्र ने एड्स को दुनिया भर में मां बनने के क़ाबिल महिलाओं की मौत और बीमारी का सबसे बड़ा कारण बताया है.

इससे बचाव और इसके इलाज के लिए मंगलवार से संयुक्त राष्ट्र ने बड़े पैमाने पर एक पंचवर्षीय अभियान की शुरूआत की है.

संयुक्त राष्ट्र का कहना है कि कुछ विकासशील देशों, ख़ासकर अफ़्रीका के कुछ हिस्सों में पुरूष महिलाओं के साथ जबरन सेक्स करते हैं, कॉंडोम के इस्तेमाल और सुरक्षित सेक्स के प्रति सामाजिक पूर्वाग्रह हैं और इलाज के साधन नहीं हैं.

संयुक्त राष्ट्र के एड्स कार्यक्रम के अनुसार पूरी दुनिया में 70 प्रतिशत महिलाओं को असुरक्षित सेक्स के लिए बाध्य किया जाता है.

Image caption एचआईवी वायरस के ख़िलाफ़ अभी भी लंबी लड़ाई बाकी है.

इसके अलावा इसकी शिकार महिलाओं को समाज में कलंकित माना जाता है.

संस्था का कहना है कि महिलाओं के ख़िलाफ़ हिंसा को किसी हाल में बर्दाश्त नहीं किया जा सकता.

इस विषय पर संयुक्त राष्ट्र में चल रहे दस-दिवसीय सम्मेलन में कहा गया है हिंसा के डर से महिलाएं सुरक्षित सेक्स के लिए बातचीत करने में घबराती हैं.

न्यूयॉर्क के संयुक्त राष्ट्र मुख्यालय से बीबीसी संवाददाता बारबरा प्लेट का कहना है कि इस नए अभियान के तहत महिला आंदोलनों और एड्स के ख़िलाफ़ आंदोलन को एक साथ लाने की कोशिश की जा रही है.

इसके तहत सरकारों और ग़ैर-सरकारी संस्थाओं को मदद दी जाएगी जिससे वो जांच कर सकें कि एड्स का महिलाओं पर किस तरह का असर होता है, उनकी मदद के लिए किस तरह के इलाज और शिक्षा कार्यक्रम चलाए जा सकते हैं और एड्स संबंधित हिंसा से उन्हें कैसे छुटकारा दिलाया जा सकता है.

संयु्क्त राष्ट्र का कहना है कि इस बीमारी की शुरूआत के 30 सालों के बाद भी इससे जुड़े कार्यक्रम महिलाओं की ज़रूरतों पर केंद्रित नहीं हैं.

दक्षिण अफ़्रीका में लड़कों के मुक़ाबले तीन गुनी लड़कियां इस बीमारी की चपेट में आ रही हैं.

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