तेज़ दौड़ने वाले डायनासोर का जीवाश्म मिला

डायनासोर

शोधकर्ताओं ने चीन में एक तेज़ दौड़ने वाले डायनासोर के जीवाश्म की खोज की है.

वैज्ञानिकों के अनुसार ये डायनासोर जिसका नाम चिचियानकुस झांगी है, अबतक का सबसे छोटा डायनासोर है और इसकी लंबाई महज़ एक मीटर है.

इस नई खोज के बारे विवरण ज़ूटक्सा जर्नल में दी गई हैं.

इस डायनासोर की चोंच काफ़ी लंबी थी और माना जाता है कि यह अपनी लंबी चोंच की मदद से दिमक और चिंटी को मि्टटी में तलाशते थे और मिट्टी खोदने के काम में लाते थे.

ये डायनासोर अपनी तेज़ रफ़्तार की मदद से चींटियों केदो अलग-अलग ठिकानों की दूरियां कम समय में तैय कर लेते थे और इस तरह वो बड़े शिकारियों के ध्यान को भटकाने में कामयाब हो जाते थे.

तेज़ दौड़ने वाला

डॉक्टर कोर्विन सुलिवन का कहना है कि थेरोपोड प्रजाति डायनासोर में चिचियानकुस की पैर भी काफ़ी लंबी थी. उनका कहना है कि छोटे थेरोपोड प्रजाति के अगले पैर, जांघ की हड्डी, पिछले पैर के मुक़ाबले में विशेष रुप से छोटी हैं.

ये विशेषता इस समय कई दूसरे तेज़ दौड़ने वाले जानवरों में पाया जाता है.

सुलिवन का कहना है, "इस सब जानकारी के आधार पर चिचियानकुस की अधितम रफ़्तार के बारे में अंदाज़ा नहीं लगाया जा सकता है. लेकिन ये जानकारी इस बात को दर्शाता है चिचियानकुस एक तेज़ दौड़ने वाला जानवर था."

इस चिचियानकुस डायनासोर की खोज अंतरराष्ट्रीय टीम ने चीन के हेनन प्रांत के चिचिया में की है.

ये डायनासोर अपनी तरह का पहला है और इससे थोडा मोड़ा मिलता जुलता डायनासोर मनगोलिया में पाया गया था.

शोधकर्ताओं की टीम का नेतृत्व कर रहे डॉक्टर चिंग झू ने चिचियानुकुस के कंकाल के बारे में भी कुछ जानकारी दी है जिसमें सात कशेरुक के बारे में भी जानकारी दी गई है.

शोधकर्ताओं के अनुसार इसके अनेक कशेरुक इस बात की ओर इशारा करते हैं कि चिचियानकुस एक तेज़ रफ़्तार से दौड़ने वाला जानवर था.

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