सीखने में मददगार हैं सपने

नींद में व्यक्ति
Image caption सपने इस बात के लक्षण हैं कि सोते समय हमारा मस्तिष्क अधिक सक्रियता से काम कर रहा है

वैज्ञानिकों का मानना है कि कुछ नई चीज़ सीखने के बाद झपकी लेना फायदेमंद होता है.

झपकी के बाद नई सीख को लंबे समय तक याद रखने में मदद मिलती है.

वैज्ञानिकों ने पाया कि जो लोग किसी नए काम को पूरा करने के बारे में सपना देखते हैं, जागने के बाद उनका प्रदर्शन बेहतर होता है.

इन लोगों का प्रदर्शन उनकी तुलना में बेहतर होता है जो या तो सोते नहीं हैं या सपने नहीं देखते हैं.

शोध

शोध में शामिल किए गए लोगों से 3-डी कंप्यूटर पहेली का लेआउट सीखने के लिए कहा गया. ताकि कई घंटे के बाद ये लोग वर्चुअल स्पेस में पहेली का समाधान पा सकें.

इसके बाद इन लोगों को झपकी लेने की इजाज़त दी गई.

जिन लोगों ने सपने में भी काम को याद किया, उनके सीखने के नतीजे काफी प्रभावी थे.

शोधकर्ताओं का मानना है कि जब आप सपने देखते हैं तो अचेतन मस्तिष्क सूचनाओं से समाधान निकालने के लिए कड़ी मेहनत करता है.

ज़्यादा सक्रिय

शोधपत्र के लेखक और हॉर्वर्ड मेडिकल स्कूल के डॉक्टर रॉबर्ट स्टिकगोल्ड ने बताया, “सपने इस बात के मापक हो सकते हैं कि समस्या के समाधान की दिशा में मस्तिष्क कई स्तरों पर काम कर रहा है.”

उन्होंने कहा, “सपने इस बात के लक्षण हैं कि याद रखने के लिए मस्तिष्क कोशिश कर रहा है. ये यादें भविष्य के लिए काफी उपयोगी हो सकती हैं.”

शोधपत्र की सह-लेखिका डॉक्टर ईरिन वैम्सले ने कहा, “अध्ययन से पता चलता है कि अचेतन मस्तिष्क उन चीज़ों के प्रति सक्रिय होता है जिनको यह सबसे अहम मानता है.”

उन्होंने कहा, “ऐसा लगेगा कि हमारे सपने यह सवाल पूछ रहे हैं कि अपने जीवन में इस सूचना का इस्तेमाल मैं कैसे कर सकता हूं ?”

एकेडमिक जर्नल सेल बायोलॉजी में प्रकाशित इस शोध के नतीजे व्यावहारिक हो सकते हैं.

वैज्ञानिकों का मानना है कि इस नतीजे का इस्तेमाल करके छात्रों में सीखने और याद करने की प्रक्रिया को बेहतर बनाया जा सकता है.

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