सबसे लंबा किंग कोबरा?

  • 2 मई 2010
किंग कोबरा
Image caption जानकारों के मुताबिक इतने विशाल किंग कोबरा का पाया जाना एक दुर्लभ घटना है

एनाकोंडा नाम की मशहूर हॉलीवुड फ़िल्म जिसने भी देखी होगी, उसे उस विशाल और ख़तरनाक सांप की हरकतों से उठी सिहरन भूली न होगी.

एनाकोंडा तो ख़ैर फ़िल्म का सांप था लेकिन उत्तराखंड के कॉर्बेट के जंगलों में लोगों ने ऐसा सांप देखा जिसकी लंबाई मानो ख़त्म ही न होती हो.

कालाढूंगी इलाक़े में एक मरा हुआ विशाल किंग कोबरा मिला है. इसकी लंबाई 23 फुट 9 इंच है और दावा है कि ये शायद दुनिया का सबसे लंबा किंग कोबरा हो सकता है.

अभी तक किंग कोबरा की सर्वाधिक दर्ज लंबाई 18 फुट 9 इंच ही मानी गई है.

कॉर्बेट नेशनल पार्क के पास पवलगढ़ इलाक़े में जब कुछ महिलाएं लदुवागढ़ झरने के पास से गुज़र रही थीं तो उन्होंने पत्थरों पर कुछ ख़ून लगा हुआ देखा, जब पास गईं तो पाया कि एक नाग मरा हुआ है.

उन्होंने ही सामुदायिक पर्यटन के लिए काम कर रही कॉर्बेट ग्राम विकास समिति को इसकी सूचना दी.

दुर्लभ अनुभव

समिति के प्रबंध निदेशक राजेश पंवार ने बताया, "जब हम वहां पहुँचे तो देखकर दंग रह गए कि इतना बड़ा किंग कोबरा है. इसका बीच का हिस्सा चट्टान के नीचे दबा हुआ था और पूरा शरीर गोल घूमा हुआ था और फन और पूंछ मिले हुए थे."

वन अधिकारियों की मदद से इसे सावधानी से बाहर निकाला गया और जब इसकी लंबाई नापी गई तो सहसा किसी को यक़ीन ही नहीं हुआ.

नाग को निकालने के लिए चली मुहिम के प्रमुख और जिला वन अधिकारी डॉ. पराग मधुकर धकाते ने कहा, "इसकी लंबाई की पुष्टि करने के लिए तीन बार इसे नापा गया. किंग कोबरा यहां पाया ज़रूर जाता है लेकिन इतना विशाल तो ये अपने आप में दुर्लभ था."

चेन्नई में सरीसृपों यानी रेपटाइल्स और सांप विशेषज्ञ विमल राज से सलाह ली गई तो उन्होंने भी विश्वास नहीं किया कि कोई सांप इतना लंबा हो सकता है.

हालांकि इस कोबरा का शरीर काफ़ी ख़राब हो चुका था. जांच से पता चला कि ये चंद रोज़ पहले ही मर चुका था.

लुप्त हो रहे हैं किंग कोबरा

किंग कोबरा वन्यजीव संरक्षण अधिनियम की अनुसूची-2 में है, यानी उन जीवों में से हैं जो ख़तरे में हैं. लेकिन इसके संरक्षण के उपाय नहीं किए जाते क्योंकि ये बेहद ख़तरनाक, विषैला और जानलेवा होता है.

इसके काटने के बाद 15 मिनट के अंदर ही आदमी की मौत हो जाती है.

किंग कोबरा की पहचान उसके ख़ास आकार के फन और उसके ऊपर बनी धारियों से होती है और ये अपने शरीर का एक तिहाई हिस्सा उठाकर चल सकता है. इसकी औसत लंबाई 12 से 14 फुट होती है और ये 20 साल तक जीता है.

स्थानीय लोगों में इसे देखने के लिए उत्सुकता है. कई लोगों ने अपने कैमरे से तस्वीरें खींची.

लोग अपनी उन मान्यताओं के कारण डरे हुए भी हैं कि नाग का हमेशा जोड़ा होता है यानी ये मर चुका है तो दूसरा जरूर होगा.

बताते हैं कि दमोला गांव के स्थानीय निवासी विनय कांबोज ने दो महीने पहले इस कोबरा को दौड़ते हुए देखा था तो वो दहशत में कई दिनों तक बीमार रहे थे.

उत्तराखंड के पूर्व प्रमुख वन्य जीव प्रतिपालक और वन्य जीव विशेषज्ञ आनन्द सिंह नेगी का कहना है कि किंग कोबरा अपने रहने की जगह में कोई खलल बर्दाश्त नहीं करता है. वो बेहद शांत और सघन जंगल में ही पाया जाता है और ऐसे विशालकाय कोबरा का मिलना इस बात का भी सबूत है कि कॉर्बेट के आसपास के जंगल इनके लिए उपयुक्त हैं.

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