'सुरक्षा के लिए ख़तरा हैं मोटे अमरीकी'

Image caption एक रिपोर्ट के अनुसार अमरीका के 50 में से 23 राज्यों में युवाओं में मोटापा बढ़ा है

अमरीका में मोटापा राष्ट्रीय सुरक्षा के लिए ख़तरा बनता जा रहा है. ऐसा मानना है अमरीकी सेना के दो सेवानिवृत्त कमांडरों का जिनहोंने चेतावनी दी है कि अगर युवा इसी तरह मोटे होते रहे तो भविष्य में अमरीकी सेना के रुतबे पर असर पड़ सकता है.

इन सैन्य कमांडरों का कहना है कि सेना में भर्ती होने की काबिलियत रखने वाले अधिकतर युवा मोटे हैं और लड़ने में सक्षम नहीं हैं.

जॉन शालिकश्विलि और ह्यूज शेल्टन ज्वाइंट चीफ़ ऑफ़ स्टाफ़ के चेयरमैन रह चुके हैं. उन्होंने वाशिंगटन पोस्ट में लेख के ज़रिए ये चेतावनी दी है.

बाल पोषण विधेयक

उनका कहना है कि दूसरे मेडिकल कारणों के मुक़ाबले अधिकतर युवा मोटापे की वजह से सेना की भर्ती में नाकाम हो रहे हैं.

मोटापे का आलम ये है कि 25 फ़ीसदी से अधिक अमरीकी युवा सेना की नौकरी करने के लायक नहीं हैं.

सैन्य कमांडरों के अनुसार, "राष्ट्रीय सुरक्षा के लिहाज़ से हमें ये समस्या इतनी गंभीर लगती है कि हमने 130 अन्य सेवानिवृत्त सैन्य अधिकारियों को अपने साथ जोड़ा है ताकि नए बाल पोषण विधेयक को संसद में पारित कराया जा सके."

अमरीकी सैन्य अधिकारियों की ये चेतावनी उन रिपोर्ट्स के बीच आई है जिनमें कहा गया है कि बच्चों में मोटापा 'महामारी' की शक्ल ले रहा है और अमरीका में हर तीन में से एक बच्चा मोटापे का शिकार है.

शालिकश्विलि और शेल्टन का कहना है कि स्कूलों में पौष्टिक भोजन दिया जाना चाहिए. भोजन में चीनी, नमक और वसा कम से कम होना चाहिए और फल-सब्जियां अधिक दी जानी चाहिए.

वे लिखते हैं, "हमें इस पर तुरंत कार्रवाई करनी चाहिए, जैसा कि हमने द्वितीय विश्व युद्ध के बाद किया था ताकि ये सुनिश्चित किया जा सके कि ज़रूरत पड़ने पर हमारे बच्चे अपने देश की रक्षा कर सकें."

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