डब्ल्यूएचओ की सांपों से जुड़ी वेबसाइट

  • 5 मई 2010
कोबरा
Image caption एशिया और अफ्रीका में बड़ी संख्या में सांप पाए जाते है.

विश्व स्वास्थ्य संगठन ने एक वेबसाइट शुरु करने की घोषणा की है जिससे सांप काटने से बचाव के उपायों की जानकारी होगी.

दुनिया भर में हर साल हज़ारों लोग सांप के काटे जाने से या तो मर जाते हैं या अपाहिज़ हो जाते हैं.

अनुमान के अनुसार प्रति वर्ष ऐसे कम से कम 25 लाख लोग सांप के ज़हर का सामना करते हैं.

अफ्रीका और भारत जैसे देशों में ख़तरनाक प्रजाति के विषैले सांप पाए जाते हैं और जब ये एक बार काट ले तो इसके बचाव के लिए दवा की पहचान मुश्किल होती है.

ऐसा इसलिए होता है क्योंकि हर सांप के विष के लिए अलग दवा होती है. ऐसे में डब्ल्यूएचओ की वेबसाइट आपके काम आ सकती है.

यह वेबसाइट आपकी जान बचा सकती है. वेबसाइट में दुनिया भर के विषधर सांपों की तस्वीरें होंगी और ये जानकारी भी होगी किस सांप के काटने पर कौन सी दवा इस्तेमाल की जाए.

जानकारी की कमी

डब्ल्यूएचओ का कहना है कि अधिकतर लोगों की मौत सांप काटने से सिर्फ इसलिए होती हैं क्योंकि उन्हें ये नहीं पता चल पाता है कि कौन सी दवा का इस्तेमाल किया जाए.

इस वेबसाइट के ज़रिए सरकारी विभाग विभिन्न दवाओं को जमा भी कर पाएंगे.

संगठन के एक अधिकारी लेमबित रागो कहते हैं कि दुनिया के कई हिस्सों में सांप काटे जाने को गंभीर स्वास्थ्य मुद्दा नहीं माना जाता और डब्ल्यूएचओ चाहता है कि ये स्थिति बदले.

दुनिया के कई इलाक़ों में ख़राब क्वालिटी के वैक्सीन मिलते हैं जिसके कारण स्वास्थ्य कर्मचारी उन पर यकीन नहीं करते.

इतना ही नहीं अधिकारियों के पास समस्या के बारे में न तो पर्याप्त आकड़े हैं और न ही ये समझ कि एक समय में कितना दवा कौन से विष के लिए रखी जानी चाहिए.

डब्ल्यूएचओ के अनुसार एशिया और अफ्रीका में विषैले सांपों की संख्या अधिक है और अधिकतर मामलों में महिलाएं, बच्चे और ग्रामीण किसान सांपों का शिकार बनते हैं.

हालांकि ये वो तबका है जिनका इंटरनेट से दूर दूर तक वास्ता संभव नहीं है और डब्ल्यूएचओ के लिए चुनौती होगी इन लोगों तक जानकारी को पहुंचाना.

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