गूगल पन्ने के वीडियो गेम का धमाका

  • 25 मई 2010
गूगल के मुख्य पन्ने पर वीडियो गेम
Image caption पैक मैन नामक इस वीडियो गेम ने दफ़्तरों में करोड़ों डॉलर का समय बर्बाद किया

इंटरनेट सर्च इंजिन गूगल ने एक दिन के लिए अपने मुख्य पन्ने पर एक वीडियो गेम रख दिया और उसने ऐसा धमाका किया कि दफ़्तरों में काम करने वाले बहुत से लोग बस वो गेम ही खेलने में लग गए और बड़े पैमाने पर दफ़्तरी काम का नुक़सान हुआ.

इस वीडियो गेम का नाम है पैक-मैन और ये 21 मई को तीस वर्ष का हुआ है. जापान में शुरू हुए इस वीडियो गेम की 30वीं वर्षगाँठ को मनाने के लिए गूगल ने इसे एक दिन के लिए अपने मुख्य पन्ने पर रखा था जिसे हर रोज़ करोड़ों इंटरनेट प्रेमी देखते हैं.

गूगल ने बस इतना किया कि उस वीडियो गेम को अपने नाम के अंग्रेज़ी अक्षरों के आकार में ढाल दिया और इसकी लोकप्रियता को देखते हुए इसे वेबसाइट पर स्थाई तौर पर लगा दिया है.

इस वीडियो गेम को देखने और खेलने वाले लोगों की संख्या का पता लगाने के बारे में एक सर्वे किया गया और पता चला कि उस दिन काम के लगभग पचास लाख घंटों का नुक़सान हुआ.

सॉफ़्टवेयर कंपनी रेस्क्यू टाइम एक ख़ास्म क़िस्म की तकनीक के ज़रिए लोगों की इंटरनेट आदतों पर नज़र रखती है जिससे पता चलता है कि लोग ऑनलाइन पर किस तरह की पसंद रखते हैं.

इस कंपनी का कहना है कि किसी भी औसत दिन में ज़्यादातर लोग गूगल के पन्ने पर लगभग 22 तराश करते हैं और इनमें से हर एक तलाश औसतन लगभग 11 सेकेंड तक चलती है.

जिस दिन गूगल ने पैक मैन वीडियो गेम अपने मुख्य पन्ने पर रखा तो ये तलाश औसतन 11 सेकंड के बदले 36 सेकेंड तक लंबी हो गई.

ये सर्वे रेस्क्यू टाइम कंपनी के इंटरनेट इस्तेमाल करने वाले 11 हज़ार लोगों पर किया गया और उन्हीं से गूगल के इस वीडियो गेम पर प्रतिक्रिया के बारे में ये जानकारी हासिल हुई.

कंपनी का ये भी मानना है कि ये संख्या उम्मीद से कहीं ज़्यादा कम है क्योंकि बहुत कम लोगों को ये पता चल पाया कि दरअसल इस वीडियो गेम को खेला भी जा सकता है, ज़्यादातर तो यही समझे कि गूगल ने सिर्फ़ अपने अक्षरों का आकार पैक-मैन वीडियो गेम में ढाल दिया है.

कंपनी ने अनुमान लगाया है कि अगर एक व्यक्ति को एक घंटा काम करने के लिए डॉलर मिलते हैं तो इस वीडियो गेम पर लोगों ने दफ़्तर में जो लगभग पचास लाख घंटे लगाए, उससे लगभग 12 करोड़ डॉलर का नुक़सान हुआ.

ये इतनी बड़ी रक़म है कि गूगल के सभी कर्मचारियों का वेतन अदा कर दिया जाए और उनसे लगभग छह सप्ताह तक काम ले लिया जाए. गूगल तो इसे अपनी रचनात्मकता कहता है, कारोबारी संदर्भ में इसे क्या कहा जाए, आप ख़ुद सोच सकते हैं.

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