फेफड़े के कैंसर की जांच अब आसान

Image caption अब फेफड़े का कैंसर सालों पहले लगाया जा सकेगा.

अमरीका में इसी हफ़्ते से ख़ून जांच के ज़रिए सालों पहले ही फेफड़े के कैंसर का पता चलाने की विधि बाज़ार में उपलब्ध हो रही है.

ये टेस्ट कैंसर के आरंभिक दिनों में ही मानव शरीर के रक्षा तंत्र से निकले सिग्नल को पकड़ सकता है.

इसके ज़रिए ट्यूमर बनने से भी पहले यानि कैंसर के सही ढंग से विकसित होने से सालों पहले इसका पता चल जाएगा और इसे बनानेवालों का कहना है कि बहुत लोगों को फेफड़े के कैंसर से छुटकारा पाने में मदद मिलेगी.

अभी इस बीमारी का पता इसके लक्षणों के ज़रिए ही लग पाता है और जब तक लक्षण पूरी तरह विकसित होते हैं तबतक काफ़ी देर हो चुकी होती है.

अब इस ख़ून जांच से डॉक्टर ख़ून में मौजूद ऐंटीबॉडीज़ का पता लगा सकेंगे.

ये टेस्ट इस हफ़्ते से अमरीका में उपलब्ध हो जाएगा और फिर ब्रिटेन में. उसके बाद ये पूरी दुनिया में उपलब्ध हो सकेगा.

अमरीका और ब्रिटेन के वैज्ञानिकों ने अर्ली सीडीटी-लंग नामक इस जांच को विकसित किया है.

इसे विकसित करनेवाले वैज्ञानिकों का कहना है कि और शोध के बाद इस जांच से दूसरी तरह के कैंसरों का भी पता लगाया जा सकेगा.

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