पीएसएलवी-सी 15 का सफल प्रक्षेपण

रॉकेट फाइल फोटो
Image caption पीएसएलवी-सी 15 ने पांच उपग्रहों को उनकी कक्षा मे स्थापित करने में सफलता प्राप्त की.

भारतीय अंतरिक्ष अनुसंधान संगठन (इसरो) ने पीएसएलवी-सी 15 का सफल प्रक्षेपण किया है. इस राकेट ने पाँच उपग्रहों को उनकी कक्षा में स्थापित कर दिया है.

पीएसएलवी–सी 15 के साथ ही एक अत्यंत छोटे उपग्रह स्टुडसैट को भी अंतरिक्ष में भेजा गया है. इस छोटे से उपग्रह स्टुडसैट को आंध्र प्रदेश और कर्नाटक के इंजीनियरिंग के छात्रों ने बनाया है.

पीएसएलवी-सी 15 को श्रीहरिकोटा से प्रक्षेपित किया गया और रॉकेट ने बिल्कुल सही रास्ते पर अपनी यात्रा पूरी की.

इसरो के प्रमुख डॉ के राधाकृष्णन ने प्रक्षेपण के बाद वैज्ञानिकों को संबोधित करते हुए कहा, ‘‘ये बड़ी सफलता है. हमने दूसरे देशों के उपग्रहों को अंतरिक्ष में भेजने में सफलता प्राप्त की है. ’’

इस अवसर पर योजना आयोग के मोंटेक सिंह अहलूवालिया भी मौजूद थे. उन्होंने कहा कि इसरो ने देश को गौरव का अहसास कराया है और मैं उनको सभी लोगों की तरफ से बधाई देता हूं.

इसरो के प्रवक्ता एस सतीश का कहना था, ‘‘ये राकेट अंतरिक्ष में पाँच उपग्रहों को उनकी कक्षाओं में रखेगा. इनमें भारत का रिमोट सेंसिंग सेटेलाइट कारटोसैट-2बी, अल्जीरिया का उपग्रह अलसैट, कनाडा और स्विटज़रलैंड के दो छोटे सेटेलाइट तथा स्टुडसैट शामिल है.’’

उन्होंने बताया कि ये सेटेलाइन शहरी प्लानिंग और आधारभूत ढांचागत सुविधाओं के विकास के लिए आकड़े जुटाने में मदद करेंगे. यानी कि सड़क और हाईवे के निर्माण संबंधी आकड़े ये उपग्रह जुटाएंगे. इतना ही नहीं उपग्रह में लगे कैमरे जंगलों की तस्वीरें ले सकेंगे जिससे पर्यवारण के क्षेत्र में काफ़ी मदद मिल सकेगी.

इससे पहले पिछले वर्ष अप्रैल महीने में इसरो ने स्वदेश निर्मित क्रायोजेनिक इंजन के ज़रिए जीएसएलवी-डी3 का प्रक्षेपण किया था जो असफल रहा था.

संबंधित समाचार

संबंधित इंटरनेट लिंक

बीबीसी बाहरी इंटरनेट साइट की सामग्री के लिए ज़िम्मेदार नहीं है