दक्षिणी प्रशांत पर दिखा पूर्ण सूर्य ग्रहण

दक्षिण प्रशांत में दिखा पू्र्ण सूर्य ग्रहण
Image caption तहिती में फुटबॉल के दीवाने भी टीवी पर वर्ल्ड कप का फाइनल चलता छोड़कर आसमान की तरफ देखने लगे.

पूर्ण ग्रहण शुरुआत में सिर्फ कुछ ही हिस्सों में दिखाई दिया था. लेकिन बाद में चिली और अर्जेंटीना के दक्षिणी हिस्सों में भी देखा गया.

ग्रहण भारतीय समयानुसार रात 11 बजकर 45 मिनट पर टोंगा के दक्षिण पूर्व से शुरु हुआ और 1 बजकर 41 मिनट पर उसका रुख ईस्टर द्वीप की तरफ था.

इस द्वीप को यूनेस्को ने विश्व धरोहर स्थल घोषित किया हुआ है.

मौसम विज्ञान के जानकारों में से कुछ ने कहा था कि बादलों की चादर होने के कारण ग्रहण देख पाना मुश्किल होगा लेकिन जैसे ही सूर्य ईस्टर द्वीप के पास पहुंचा, तूफान कम हो गया और कड़ी धूप निकल आई.

स्थानीय अधिकारी फ्रांसिस्को होआ ने समाचार एजेंसी एएफपी को बताया, “ बिल्कुल ऐसा एहसास हुआ जैसे रात को किसी स्टेडियम में लाइट जलाकर बैठे हों. ऐसा लगा जैसे एक अंधेरे कमरे में 10 वॉट का बल्ब जल रहा हो.”

“ग्रहण की शुरुआत एक छाया से हुई. आसमान पूरा नीला था, हवा बहुत तेज़ थीं जो बादलों को अपने साथ ले गईं. फिर सब ताली बजाने लगे.”

तहिती में फुटबॉल के दीवाने भी टीवी पर वर्ल्ड कप का फ़ाइनल चलता छोड़कर आसमान की तरफ देखने लगे.

आठ साल की हिनानुई ने कहा, “ ऐसा लगा जैसे सूरज मुस्कुरा रहा हो. वो बिल्कुल एक अर्द्धचंद्राकार जैसा दिख रहा था, फिर चांद ने सूरज का निचला हिस्सा ढक दिया जिसके बाद वो दोबारा अर्द्धचंद्राकार की तरह दिखने लगा”

सुरक्षा बढ़ाई गई

Image caption सू्र्य और पृथ्वी के बीच चंद्रमा आने से होता है पूर्ण सूर्य ग्रहण

पूर्ण सूर्य ग्रहण तब होता है जब चंद्रमा सू्र्य और पृथ्वी के बीच से गुज़रता है और सूर्य की किरणों को रोक कर उसपर अपनी छाया डालता है.

ग्रहण ने दक्षिण प्रशांत पर लगभग 11,000 किलोमीटर का रास्ता तय किया. ग्रहण का सबसे लंबा समय था पांच मिनट बीस सेकंड जो समुद्र के ऊपर रहा.

भारी तादाद में ईस्टर द्वीप में लोगों के आने से धार्मिक स्थलों पर सुरक्षा बढ़ानी पड़ी. यहां तक कि लगभग 3,000 साल पुराने पत्थर की मशहूर मूर्ति मोआई पर भी सुरक्षा बढ़ानी पड़ी.

हालांकि ईस्टर द्वीप के गवर्नर ने ज़ोर डाला था कि वो लोगों की बढ़ी संख्या से निपट लेंगे.

ग़ौरतलब है कि फरवरी में चिली में आए भूकंप के बाद द्वीप को आधा ख़ाली कराया गया था और प्रशासन ये दिखाना चाहता है कि वो पर्यटन के नक्शे पर लौट आया है.

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