भारत के बूढ़े सबसे बदहाल

छत्तीसगढ़ का एक गाँव
Image caption छत्तीसगढ़ में एक गाँव में बीमार वृद्ध महिला को अस्पताल ले जा रहा एक लड़का

एक अध्ययन के अनुसार एशियाई देशों में जीवन के अंत की ओर बढ़ रहे लोगों के लिए स्वास्थ्य सुविधाओं की बेहद कमी है और सबसे दयनीय हालत भारत की है.

सिंगापुर स्थित संस्था इकोनॉमिस्ट इंटेलिजेंस यूनिट ने 40 देशों में मृत्यु की और बढ़ रहे लोगों के बारे में अध्ययन किया है जिसमें सबसे अंतिम स्थान पर भारत है जबकि ब्रिटेन पहले नंबर पर है.

रिपोर्ट वृद्ध लोगों के लिए दर्दनिवारक दवाओं और उनकी देख-रेख के लिए वृद्धाश्रम जैसी सुविधाओं के प्रबंध के आधार पर तैयार की गई है.

इसमें कहा गया है कि दुनिया की अधिकतर वृद्ध आबादी के लिए ऐसी सुविधाएँ या तो अपर्याप्त हैं या बिल्कुल ही नहीं हैं और इनमें भारत और चीन जैसे देशों की दशा सबसे ख़राब है.

अध्ययन के अनुसार मौत को लेकर प्रचलित सामाजिक पाबंदियाँ, सरकारों की अनदेखी, जागरूकता की कमी और स्वास्थ्यकर्मियों का अपर्याप्त प्रशिक्षण समस्या के कारण हैं जिनसे अमरीका और जापान जैसे विकसित देशों तक में वृद्ध लोगों पर असर पड़ रहा है.

भारत

भारत के संदर्भ में रिपोर्ट में कहा गया है कि वहाँ वृद्ध लोगों के लिए दर्दनिवारक दवाओं की उपलब्धता में सबसे बड़ी बाधा कड़े नियम क़ानूनों के कारण आती है जो दवाओं के अवैध इस्तेमाल को रोकने के लिए बनाए गए हैं.

रिपोर्ट के अनुसार भारत में कई बड़े कैंसर अस्पतालों तक में डॉक्टर और नर्स दर्दनिवारक दवा मॉर्फ़िन के प्रयोग के बारे में ठीक से प्रशिक्षित नहीं हैं.

साथ ही रिपोर्ट तैयार करनेवाली संस्था के एक निदेशक टोनी नैश के अनुसार भारत और चीन जैसे देशों के बड़े आकार भी समस्या का कारण हैं.

टोनी नैश ने समाचार एजेंसी एएफ़पी से कहा,”विशाल देश होने के कारण, तेज़ आर्थिक विकास होने के बावजूद आबादी के एक बड़े हिस्से तक सुविधाएँ पहुँचाने में मुश्किल आती है."

उन्होंने बताया कि स्वास्थ्य सुविधाओं पर अमरीका में सबसे अधिक ख़र्च होता है और भारत में सबसे कम.

अमरीका में स्वास्थ्य पर सकल घरेलू उत्पाद का 16 प्रतिशत ख़र्च किया जाता है जबकि भारत में मात्र एक प्रतिशत.

सूची

सूची में सबसे नीचे के दस देशों में चीन, मलेशिया और दक्षिण कोरिया जैसे देश शामिल हैं.

यूगांडा, ब्राज़ील, मेक्सिको, रूस, तुर्की, पुर्तगाल और दक्षिण अफ़्रीका का स्थान भी नीचे के देशों में है.

वहीं सूची में सबसे अच्छी सुविधाएँ देनेवाले दस देशों में ब्रिटेन के बाद ऑस्ट्रेलिया, न्यूज़ीलैंड, आयरलैंड, ऑस्ट्रिया, नीदरलैंड्स, जर्मनी, कनाडा और अमरीका आते हैं.

रिपोर्ट कहती है कि 40 देशों में से केवल सात देश – ऑस्ट्रेलिया, मेक्सिको, न्यूज़ीलैंड, पोलैंड, स्विट्ज़रलैंड, तुर्की और ब्रिटेन – ऐसे देश हैं जहाँ स्वास्थ्य को लेकर राष्ट्रीय नीतियाँ हैं जिनमें वृद्धों की देख-रेख के प्रबंध भी शामिल हैं.

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