मलेरिया न फैलाने वाले मच्छर

  • 17 जुलाई 2010
मच्छर
Image caption इस मच्छर की ख़ासियत यह होगी कि इसमें मलेरिया का परजीवी पनप ही नहीं सकेगा

अमरीकी वैज्ञानिकों का कहना है कि उन्होंने मच्छर की एक ऐसी प्रजाति विकसित की है जिसके काटने से मलेरिया नहीं होता.

एरिज़ोना विश्वविद्यालय में शोधकर्ताओं ने अनुवांशिक रुप से संवर्धित जो प्रजाति विकसित की है उसमें इस बीमारी को फैलाने की क्षमता ही नहीं है.

हालांकि इस मच्छर को अभी वातावरण में छोड़ने में काफ़ी देर है लेकिन यह तय है कि इससे एक नई बहस शुरु हो जाएगी.

मलेरिया को इस समय दुनिया की महामारियों में से एक माना जाता है और इससे हर साल कोई दस लाख लोगों की मौत हो जाती है.

चुनौतियाँ

वैज्ञानिकों का कहना है कि अनुवांशिक रुप से संवर्धित मच्छर की प्रजाति मलेरिया से निपटने के लिए लंबी लड़ाई का एक छोटा हिस्सा है.

इससे पहले भी इस तरह के प्रयास हुए थे लेकिन वे सफल नहीं हो सके थे.

शोधकर्ताओं का कहना है कि पहली बार उन्होंने मच्छर के भीतर मलेरिया के परजीवी पनपने से रोकने में सफलता पाई है.

इस परजीवी के न होने से मच्छर मलेरिया नहीं फैला सकेगा.

वैज्ञानिकों का अंतिम लक्ष्य इस तरह के मच्छर को खुले वातावरण में छोड़ने का है.

इससे पहले वैज्ञानिकों के सामने यह चुनौती है कि वे मच्छर की इस प्रजाति को बीमारी फैलाने वाले मच्छरों की तुलना में ज़्यादा ताक़तवर बनाएँ.

इसमें अभी कई वर्षों का समय लगेगा.

लेकिन इस बीच वैज्ञानिकों को यह आकलन भी करना पड़ेगा कि अनुवांशिक रुप से संवर्धित इन मच्छरों को वातावरण में छोड़ने का पर्यावरण पर कैसा असर पड़ेगा.

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