स्थाई रूप से बंद करने की कोशिश

  • 4 अगस्त 2010

तेल कंपनी बीपी ने मेक्सिको की खाड़ी में तेल के कुएँ में स्केटिक किल नाम की प्रक्रिया शुरु की है जिससे कुएँ को हमेशा के लिए सील किया जा सकेगा.

कुएँ को सीमेंट के ज़रिए बंद करने से पहले इंजीनियर कुएँ में पंप के ज़रिए ख़ास किस्म की मिट्टी डाल रहे हैं ताकि उसमें मौजूद तेल नीचे चला जाए.

ये प्रक्रिया दो से ढाई दिन तक चल सकती है. इसके बाद कुएँ को सीमेंट से बंद कर दिया जाएगा.

इस तरीक़े को इस तरह से समझा जा सकता है कि मिट्टी को समुद्र तल में स्थित कुएँ से रिस रहे तेल और गैस को रोकने के लिए इस्तेमाल किया जाएगा.

अगर कुएँ में दबाव हर जगह समान रहा और किसी और जगह से कोई रिसाव न हुआ तब सीमेंट को कुएं के अंदर डालकर उसकी ऊपरी पाइप को बंद कर दिया जाएगा.

अप्रैल में कुएँ में विस्फोट हो गया था जिसमें 11 कर्मचारी मारे गए थे और तेल का रिसाव शुरु हो गया था.

नुकसान

अमरीका सरकार का अनुमान है कि तेल के कुएँ में आग लगने के बाद से 49 लाख बैरल तेल का रिसाव हो चुका है. पिछले महीने इसे बंद किया जा सका.

तेल रिसाव का नया अनुमान पिछले आकलन से ज़्यादा है. इस आँकड़े से पर्यावरण को हुए नुकसान का जायज़ा लेने और बीपी की ओर से अमरीका सरकार को दी जाने वाली राशि तय करने में मदद मिलेगी.

1979 में मेक्सिको की खाड़ी में रिसाव हुआ था जहाँ 33 लाख बैरल तेल रिस गया था लेकिन बीपी वाले मामले में रिसाव की मात्रा कहीं ज़्यादा है.

केवल खाड़ी युद्ध के दौरान 1991 में इससे ज़्यादा तेल (80 लाख बैरल) खाड़ी में छोड़ा गया था लेकिन तब ऐसा जानबूझ कर किया गया था.

बीपी के तेल के कुएँ से शुरु में प्रति दिन 62 हज़ार बैरल तेल निकल रहा था लेकिन जैसे जैसे तेल का भंडार कम होता गया ये मात्रा घटकर 53 हज़ार बैरल हो गई.

रिसाव 15 जुलाई को बंद किया जा सका था. पिछले हफ़्ते बीपी ने 17 अरब डॉलर के रिकॉर्ड घाटे की घोषणा की है. तेल रिसाव से जुड़े खर्चों के लिए कंपनी को 32 अरब डॉलर अलग रखने पड़े हैं.

बॉटम किल की प्रक्रिया में कई दिन से लेकर कई हफ़्ते लग सकते हैं.

मई में भी कोशिश की गई थी कि इन्हीं उपकरणों की मदद से कुएँ में मिट्टी डाली जाए लेकिन कामयाबी नहीं मिली थी क्योंकि वहाँ से निकल रहे तेल और गैस का दवाब बहुत ज़्यादा था.

अब ये काम आसान होगा क्योंकि कुएँ पर ढक्कन लगाया जा चुका है.

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