बच्चों के सामने धूम्रपान है उनका शोषण

  • 10 अगस्त 2010
बच्चों के सामने धूम्रपान
Image caption बच्चों के सामने धूम्रपान करना उनका शोषण करने के समान है.

चिकित्सकों की एक संस्था ने धूम्रपान करने वाले माता-पिता को चेतावनी जारी करते हुए कहा है कार में बैठ कर बच्चों के सामने धूम्रपान करना उनका शोषण करने के समान है.

रायल कॉलेज ऑफ जनरल प्रैक्टिशनर्स के अध्यक्ष प्रोफ़ेसर स्टीव फ़ील्ड ने ख़ान-पान, शराब और धूम्रपान को लेकर समाज के लापरवाह रवैये की निंदा की है.

स्टीव का कहना है कि माता-पिता को अपने बच्चों की सेहत की ज़िम्मेदारी लेते हुए उनके सामने ऐसा व्यवहार करना चाहिए जिससे उन पर बुरा असर न पड़े. उनका मानना है कि माता-पिता की इस तरह की लापरवाही बच्चों में बीमारियों और कम उम्र में मौत के ख़तरे को बढ़ा देती है.

स्टीव ने अख़बार को लिख़े अपने पत्र में कहा कि माता-पिता, मोटापे के शिकार लोग, ज़रूरत से ज़्यादा शराब पीने वाले पिता और वो महिलाएं जो मां बनने वाली हैं अपने बच्चों के सामने ऐसा व्यवहार करें जो उनके लिए मिसाल साबित हो.

'मिसाल कायम करें'

ब्रिटेन के 42 हज़ार से ज़्यादा चिकित्सकों का प्रतिनिधित्व करने वाले स्टीव ने कहा, ''हमें इस बात के सबूत मिले हैं कि चोट और दुर्घटना से मरने वाले बच्चों की तुलना में ऐसे बच्चों की संख्या कहीं ज्यादा है जिनके माता-पिता उनके सामने हानिकारक धुआं छोड़ते हैं.''

प्रोफ़ेसर स्टीव का कहना है कि सच तो ये है कि हममें से ज़्यादातर लोग आमतौर पर अपनी सेहत को लेकर असावधानी बरतते हैं और इसकी वजह से बीमारियों और कम उम्र में मौत का ख़तरा बढ़ता जा रहा है.

स्टीव के मुताबिक चिकित्सक जो भी सलाह देते हैं वो अध्ययन और सबूतों पर आधारित होते हैं. उन्होंने कहा, ''हम वाकई चाहते हैं कि लोग स्वस्थ जीवन जिएं और ज़्यादा से ज़्यादा समय तक क्रियाशील बनें रहें. ''

ब्रिटेन की सरकार ने आम लोगों को स्वास्थ्य की दिशा में जागरुक बनाने के लिए इस साल के अंत में कुछ नियम जारी करने का फ़ैसला किया है.

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