मोटे लोगों को डॉक्टर की ज़्यादा ज़रूरत

Image caption मोटापा ठीक नहीं

नीदरलैंड्स में हुए एक अध्ययन के अनुसार दिनप्रतिदिन के स्वास्थ्य के संदर्भ में मोटापा धूम्रपान से कहीं ज़्यादा बुरा है.

नीदरलैंड्स में मैस्ट्रिख्ट यूनीवर्सिटी के विशेषज्ञों ने क़रीब 4500 युवाओं के मेडिकल रिकॉर्ड और इन लोगों से पूरी कराई गई एक विस्तृत प्रश्नावली के आधार पर ये राय बनाई है.

प्रश्नावली में जीवन शैली से जुड़े बहुत से सवाल रखे गए थे. ख़ास कर खानपान, शराब, धूम्रपान, व्यायाम आदि से जुड़े सवालों के जवाब विस्तार से माँगे गए थे.

इस अध्ययन से जुड़ी विशेषज्ञों की टीम को पूर्वानुमान के मुताबिक ये परिणाम तो मिला ही कि ज़्यादा अस्वस्थ लोग सर्वाधिक बार डॉक्टर के पास जाते हैं, साथ में अनपेक्षित रूप से ये जानकारी भी मिली कि मोटे लोगों को भी बार-बार डॉक्टर के पास जाना पड़ता है.

ये परिणाम महिला और पुरुष दोनों पर समान रूप से लागू होता पाया गया.

अनुत्तरित सवाल

लेकिन अध्ययन में इस बात की जानकारी नहीं मिल पाई कि आख़िर क्यों मोटे लोग बार-बार डॉक्टर के पास जाने को बाध्य होते हैं. वैसे विशेषज्ञों का अनुमान है कि ऐसा शायद नींद की गड़बड़ी या बदन के दर्द जैसी छोटी-मोटी परेशानियों के चलते हो.

अध्ययन की रिपोर्ट फ़ैमिली प्रैक्टिस नामक जर्नल में प्रकाशित हुई है.

इस बारे में ब्रिटेन के नेशनल ओबीसिटी फ़ोरम के प्रमुख और ख़ुद पेशेवर चिकित्सक डॉ. डेविड हसलाम ने कहा कि निजी अनुभव के आधार पर वे अध्ययन की रिपोर्ट को सही पाते हैं.

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