कठघरे में इंटरनेट के महारथी

  • 28 अगस्त 2010
Internet
Image caption यू-ट्यूब, फ़ेसबुक जैसी कंपनियां प्रचार और प्रसार के लिए नए-नए तरीकों का इस्तेमाल करती हैं.

माइक्रोसॉफ्ट के सह संस्थापक पॉल जी ऐलैन ने पेटेंट कानून के उल्लंघन का दावा करते हुए इंटरनेट क्षेत्र की कई बड़ी कंपनियों जैसे गूगल, एप्पल और फ़ेसबुक के ख़िलाफ़ मुक़दमा दायर किया है.

ऐलैन का मानना है कि ये कंपनिया अपने मुनाफ़े के लिए जिन तरीकों का इस्तेमाल कर रही हैं उन पर ऐलैन का एकाधिकार है.

वर्ष 1990 में ऐलैन ने इंटरनेट और सूचना प्रौघोगिकी के क्षेत्र में अनुसंधान के लिए एक ‘इंटरवल रिसर्च’ नाम की एक प्रयोगशाला बनवाई. ऐलैन का दावा है कि इस प्रयोगशाला में वेबसाइट पर सूचनाएं परोसने और लोगों को लुभाने के नए से नए तरीके इजाद किए गए.

ऐसे में गूगल, यू-ट्यूब और फ़ेसबुक सहित 11 अन्य कंपनियां, इंटरनेट पर प्रचार और प्रसार के लिए जिन तरीकों का इस्तेमाल कर रही हैं उन पर इस प्रयोगशाला का एकाधिकार है.

ऐलैन का मानना है कि यह सीधे तौर पर पेटेंट कानून का उल्लंघन है, जिसके लिए इन कंपनियों को हर्जाना देना होगा.

‘पेटेंट’

‘पेटेंट’ वह क़ानूनी प्रक्रिया है जिसके ज़रिए खोजकर्ता या रचनाकार को किसी भी नई खोज के इस्तेमाल और उसे बेचने का एकाधिकार मिलता है.

अपने दावे में एलैन ने जिन पेटेंट्स का ज़िक्र किया है उनमें सूचनाओं को पेश करने के तरीके, सर्च इंजन के ज़रिए जानकारियां खोजने के तरीके और विज्ञापन छापने जैसी कई गतिविधियां शामिल हैं.

इस बीच गूगल ने ऐलैन के इस क़ानूनी दावे को दुर्भाग्यपूर्ण बताया. गूगल के अधिकारियों का कहना है कि ऐलैन का यह दावा साबित करता है कि बाज़ार में प्रतिस्पर्धी कंपनियों को टक्कर देने कि बजाए माइक्रोसॉफ्ट के संस्थापक न्यायालय में उन्हें टक्कर देने में जुटे हैं.

ऐलैन के प्रवक्ता का कहना है कि 1990 में अपनी प्रयोगशाला के लिए ऐलैन ने 110 वैज्ञानिकों और इंजीनियरों की बेहतरीन टीम तैयार की. इंटरनेट के क्षेत्र में नई से नई खोज के लिए उन्होंने जो आर्थिक निवेश किया उसे सुरक्षित रखना ज़रूरी है.

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