माइक्रोसॉफ्ट का नया एक्सप्लोरर

  • 16 सितंबर 2010
Image caption नए वेब ब्राउज़र इंटरनेट एक्सप्लोरर 9 को कड़ा मुक़ाबला करना होगा

माइक्रोसॉफ्ट ने प्रतिस्पर्धा को देखते हुए नया वेब ब्राउज़र इंटरनेट एक्सप्लोरर 9 (आई9) जारी किया है. कंपनी को उम्मीद है कि इससे वो ब्राउज़र के बाज़ार में फिर मुक़ाबले में आ सकेगी.

इसमें सोशल नेटवर्किग और ग्राफिक्स के साथ कई नए फीचर्स पेश किए गए हैं.

वर्ष 2003 में माइक्रोसॉफ्ट की वेब ब्राउज़र में हिस्सेदारी 97 फ़ीसदी थी जो अब गिरकर 60 फ़ीसदी रह गई है.

कंपनी को मोज़ोला फ़ायरफॉक्स और गूगल के क्रोम से कड़ा मुक़ाबला करना होगा.

गूगल क्रोम को दिसंबर, 2008 में जारी किया गया था और उसने इतने कम समय में 7.5 फ़ीसदी हिस्सेदारी हासिल कर ली है.

मोज़िला का बाज़ार के एक चौथाई हिस्से पर कब्ज़ा है और कुछ देशों में ये प्रमुख वेब बाउज़र माना जाता है.

अभी हाल में उसने फ़ायरफॉक्स 4 परीक्षण के तौर पर लाँच किया है.

कुछ समय पहले यूरोपीय संघ ने माइक्रोसॉफ्ट को आदेश दिया था कि वो उपयोगकर्ताओं को विंडो के साथ अन्य ब्राउज़र का विकल्प भी उपलब्ध कराए.

इस फ़ैसले से वेब ब्राउज़रों को काफ़ी बढ़ावा मिला.

दरअसल माइक्रोसॉफ्ट के इंटरनेट एक्सप्लोरर को लेकर तमाम सवाल उठते रहे हैं.

यहाँ तक कि विशेषज्ञों ने कुछ समय पहले इंटरनेट एक्सप्लोरर का इस्तेमाल करने वालों को सलाह दी थी कि जब तक सुरक्षा संबंधी गंभीर कमियों को दुरुस्त नहीं कर दिया जाता तब तक वो सतर्कता से ब्राउज़िंग करें.

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