मानव भ्रूण ‘स्टेम सेल’ पर प्रयोग शुरु

स्टेम सेल
Image caption स्टेम कोशिकाएं शरीर में मौजूद किसी भी कोशिका का रुप ले सकती हैं.

अमरीकी डॉक्टरों ने विश्व में पहली बार मानव भ्रूण से ली गई स्टेम कोशिकाओं के ज़रिए इंसानों के इलाज से जुड़ा प्रयोग शुरु कर दिया है.

अमरीका के फ़ूड एंड ड्रग एडमिनिस्ट्रेशन यानी खाद्द और दवा मंत्रालय ने जैविक दवाओं के क्षेत्र में काम करने वाली कंपनी ‘जेरॉन’ को रीढ़ की हड्डी से जुड़े रोगों के इलाज के लिए स्टेम कोशिकाओं के इस्तेमाल का लाइसेंस जारी किया है.

स्टेम कोशिकाओं की ख़ासियत है कि वो शरीर में मौजूद किसी भी तरह की कोशिका का रुप ले सकती हैं.

दुनियाभर में स्टेम कोशिकाओं के ज़रिए इलाज करने और दवाएं बनाने के प्रयोग तेज़ी से हो रहे हैं.

अगर ये प्रयोग सफल होते हैं तो कोशिकाओं के मृत होने से जुड़ी बीमारियों के इलाज में स्टेम सेल चमत्कार जैसा काम करेंगे.

अमरीका में एटलांटा के एक अस्पताल में मरीज़ों पर किए जा रहे इन प्रयोगों के ज़रिए इस बात की पड़ताल की जाएगी कि इलाज और दवाओं में स्टेम कोशिकाओं का इस्तेमाल कितना सुरक्षित है.

महत्वपूर्ण प्रयोग

सिलिकॉन वैली में स्थित कंपनी ‘जेरॉन’ ने रीढ़ की हड्डी से जुड़ी बीमारियों के इलाज के लिए स्टेम कोशिकाओं के इस्तेमाल पर 17 करोड़ डॉलर से ज़्यादा खर्च किया है.

चूहों पर किए गए इस तरह के प्रयोगों में कुछ हद तक सफलता मिल चुकी है.

Image caption चूहों पर किए गए इस तरह के प्रयोगों में कुछ हद तक सफलता मिल चुकी है.

हालांकि चिकित्सक अब भी इस बात को लेकर आश्वस्त नहीं हैं कि इंसानों पर ये प्रयोग कितने कामयाब होंगे.

अमरीका में हर साल 12000 से ज़्यादा लोग दुर्घनाओं में रीढ़ की हड्डी से जुड़े लाइलाज रोगों से पीड़ित हो जाते हैं. कार दुर्घटनाएं, गोलाबारी की घटनाएं और रोमांचक खेलों के दौरान लगने वाली चोटें इसका सबसे बड़ा कारण हैं.

इस प्रयोग के दौरान फ़िलहाल उन लोगों के शरीर में स्टेम कोशिकाओं को डाला जाएगा जिन्हें पिछले 14 दिनों में ही चोट लगी है.

जेरॉन के अध्यक्ष डॉक्टर थॉमस ओकरमा का कहना है, ''वर्ष 1999 में जब हमने मानव भ्रूण से लिए गए स्टेम सेल पर आधारित प्रयोग शुरु किए तो ये आशंका जताई गई थी इंसानों पर इस तरह के प्रयोग की अनुमति मिलने में कई दशक लग जाएंगे.''

कोशिकाओं के पुनरुत्पादन से जुड़े इलाज पर काम कर रहे युनिवर्सिटी कॉलेज लंदन के प्रोफ़ेसर क्रिस मेसन का कहना है, ‘’इन प्रयोगों पर ब्रिटेन के डॉक्टरों की भी नज़र रहेगी. ब्रिटेन के अनुसंधानकर्ता भी कोशिकाओं के नष्ट होने से जुड़ी बीमारियों के इलाज में स्टेम कोशिकाओं को महत्वपूर्ण मानते हैं.’