आंत के कैंसर में एस्प्रिन कारगर

Image caption आंत का कैंसर तीसरा सबसे आम कैंसर है.

एक शोध से पता चला है कि प्रतिदिन एक एस्प्रिन, आंत के कैंसर से बचाव कर सकती है.

ऑक्सफोर्ड यूनिवर्सिटी के ज़रिए 14000 मरीज़ो पर किए गए अध्यन में पाया गया है कि एस्प्रिन से एक चौथाई लोगों की बिमारी का उपचार हुआ और एक तिहाई लोगों को मौत से बचाया जा सका.

दौरा पड़ने की स्थिती में और दिल की बीमारी सबंधी मामलों में पहले से ही बड़ी मात्रा में लोग एस्प्रिन का इस्तेमाल करते हैं. हालांकि कई स्वस्थ लोग एस्प्रिन के दुष्प्रभाव की वजह से इसका इस्तेमाल करने से परहेज़ करते हैं.

लेकिन लैंसेट पत्रिका में छपे इस अध्य्यन ने एस्प्रिन को लेने या ना लेने की बहस को इसे लेने के पक्ष में झूका दिया है.

इस अध्य्यन में लोगों को चार गुटों में बांट कर 20 साल तक इन्हें लगातार थोड़ी मात्रा में इस दवाई का सेवन करवाया गया. इस अध्य्यन में सिर दर्द की स्थिती में ली जाने वाली दवाई की मात्रा के मुका़बले सिर्फ़ एक चौथाई दवा दी गई.

अध्य्यन में पाया गया कि एस्प्रिन से 24 प्रतिशत लोगों का आंत के कैंसर से बचाव हो सका और इस बीमारी से मरने वालों की संख्या में 35 प्रतिशत की कमी आई.

ब्रिटेन में हर 20 में से एक व्यक्ति आंत के कैंसर से पीड़ित होता है और ये कैंसर का सबसे आम रुप है और हर साल आंत के कैंसर से लगभग 16000 लोगों की मौत होती है.

ब्रिटेन सरकार ने इसी महीने 55 साल से ज़्यादा उम्र के लोगों में आंत के कैंसर के लिए विशेष जाँच अभियान शुरु करने की घोषणा की थी.

अनुसंधानकर्त्ताओं के मुखिया प्रोफ़ेसर पीटर राथवैल ने कहा कि एस्प्रिन ली जाए या नहीं, जाँच अभियान डॉक्टरों को मरीज़ो से बात करने का अच्छा अवसर साबित होगा.

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