चांदी के चम्मच में चांद का पानी !

एएफ़पी/ गेटी इमेजेज़
Image caption नासा का कहना है कि अतरिक्षयात्री चांद पर जमे हुए पानी का इस्तेमाल भी कर सकते हैं.

चांदी के चम्मच में चांद का पानी किसी रोमांटिक शायरी का हिस्सा लगता है. लेकिन नासा को पता चला है कि चांद पर उम्मीद से ज़्यादा पानी है और थोड़ी चांदी भी.

नासा के वैज्ञानिकों ने चांद के दक्षिणी ध्रुव से लाए गए जमे हुए क्रेटर के हिस्से के विश्लेषण के बाद पाया है कि चांद की मिट्टी में इतना पानी है कि वहां जानेवाले अंतरिक्षयात्रियों का काम चल सकता है.

ये विश्लेषण उस प्रयोग के बाद आया है जिसमें एक रॉकेट को चांद पर मौजूद एक गढ्ढे में टकरा दिया गया था. उसके कुछ ही मिनटों में एक उपग्रह को उस टकराव से उठे धूल और भाप के बीच से गुज़ारा गया.

उपग्रह को काफ़ी मात्रा में जमा हुआ पानी, कार्बन डाइ ऑक्साइड, अमोनिया और चांदी के भी अंश मिले.

नासा के वैज्ञानिकों के दल ने साइंस पत्रिका को बताया कि जिस क्रेटर से रॉकेट को टकराया गया उसमें से 175 किलोग्राम भाप और बर्फ़ निकला.

नासा का कहना है कि पानी इतना है कि आनेवाले दिनों में जो अंतरिक्ष अभियान होंगे उस पर जानेवाले अंतरिक्ष वैज्ञानिक उस पानी का इस्तेमाल कर सकेंगे.

फ़िलहाल नासा की योजनाओं में कोई चंद्र अभियान नहीं है.

एक वैज्ञानिक का कहना था, “जो पानी है वो बर्फ़ के छोटे-छोटे दानों में है. ये अच्छी ख़बर है क्योंकि इसे इस्तेमाल करने के लिए बहुत गर्म नहीं करना पड़ेगा. यदि आप उसे कमरे के तापमान पर भी ले आते हैं तो उसे धूल में से निकालना बेहद आसान होगा.”

लेकिन जमा हुआ ये पानी चांद के दक्षिणी ध्रुव पर हर जगह हो ऐसा नहीं है. ये कई छोटी-छोटी जगहों में सिमटा हुआ है.

शोध से ये भी पता चला है कि जमा हुआ पानी उन इलाकों में भी हो सकता है जिन्हें हमेशा सूरज की रोशनी मिलती है बशर्ते वो सतह से काफ़ी नीचे हों.

संबंधित समाचार