भारत का अंटार्कटिका अभियान

अंटार्कटिक

भारत दक्षिणी ध्रुव में अपना पहला दल भेज रहा है. आठ भारतीय वैज्ञानिकों का दल नए रास्ते से वहाँ पहुँचेगा.

भारतीय दल के नेता रसिक रवींद्र का कहना था, ''इस रास्ते को अब तक किसी ने नहीं आजमाया है.''

उन्होंने कहा कि उनका दल दक्षिण अफ़्रीका के केप टाउन से अंटार्कटिका पहुँचेगा.

रसिक रवींद्र ने बताया कि उसके बाद हम अंटार्कटिका के आधार शिविर 'मैत्री' से 1200 फ़ीट की चढ़ाई कर दक्षिणी ध्रुव पहुँचेंगे.

'मैत्री' यानी दोस्ती नामक इस आधार शिविर को 1989 में स्थापित किया गया था.

अपने अभियान में भारतीय वैज्ञानिक विशेष वाहनों का इस्तेमाल करेंगे.

जलवायु परिवर्तन

इस अभियान का मकसद वहाँ की चट्टानों और वायु के नमूनों को एकत्र करना है.

भारतीय दल के नेता रसिक रवींद्र ने बताया कि इन नमूनों से दक्षिणी ध्रुव में जलवायु परिवर्तन पर अध्ययन किया जाएगा.

अंटार्कटिका पृथ्वी का दक्षिणतम महाद्वीप है जिसमें दक्षिणी ध्रुव स्थित है.

अंटार्कटिका दुनिया का सबसे ठंडा महाद्वीप है और इसका 98 फ़ीसदी भाग मोटी बर्फ से ढका रहता है. ये चारों ओर से दक्षिणी महासागर से घिरा हुआ है.

यहाँ कई देशों के बड़ी संख्या में वैज्ञानिक विभिन्न प्रयोग करते रहते हैं.

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