गर्भपात से दिल को ख़तरा

  • 4 दिसंबर 2010
दिल का दौरा
Image caption जर्मनी के इस शोध पर ब्रितानी वैज्ञानिकों को संदेह है

जर्मनी के शोधकर्ताओं के अनुसार अगर किसी महिला का तीन बार गर्भपात होता है तो उससे दिल की बीमारी का ख़तरा पाँच गुना बढ़ जाता है.

ये शोध 'जनरल हॉर्ट' में प्रकाशित हुआ है.

शोधकर्ताओं का कहना है कि अगर किसी महिला का गर्भपात कम उम्र में होता है तो हृदय रोग का ख़तरा कम रहता है लेकिन भविष्य में इससे दिक्कतें आ सकती हैं.

हालांकि ब्रिटेन में डॉक्टर गर्भपात से दिल पर पड़ने वाले प्रभाव के बीच के संबंध की वजह नहीं समझ पा रहे हैं और उन्हें इसमें संदेह है.

शोध

जर्मनी के शोधकर्ताओं ने 11,500 महिलाओं पर शोध किया. इन महिलाओं की उम्र 35 से 65 वर्ष के आसपास थी.

शोधकर्ताओं ने पहले ये जाना कि इन महिलाओं मे से किनको दिल का दौरा पड़ चुका था.

इसके बाद उन्होंने ये पता लगाया कि वे कितनी बार गर्भवती हुईं और कितनी बार उनका गर्भपात हुआ.

गर्भपात की संख्या जानने के बाद इन शोधकर्ताओं ने ये निष्कर्ष निकाला कि चार में से एक महिला का गर्भपात हुआ था.

हालांकि इनकी संख्या ज़्यादा भी हो सकती है क्योंकि इनमें से कुछ महिलाए गर्भवती हुईं और उनका अपने आप गर्भपात हो गया जिसका उन्हें पता ही नहीं चला.

इसके बाद ये अध्ययन किया कि इनमें से किन-किन महिलाओं को दिल का दौरा पड़ा था .

हदय रोग की समस्याओं के अधिक वज़न,शराब और धूम्रपान भी कारण हैं. लेकिन अगर किसी महिला का तीन या उससे ज़्यादा बार गर्भपात हो जाता है तो उसे दिल के दौरे का ख़तरा 500 प्रतिशत या पाँच गुना से भी ज़्यादा बढ़ जाता है.

लेकिन जिन महिलाओं का तीन या उससे कम बार गर्भपात हुआ हो तो उन्हें इसका ख़तरा कुछ कम होता है.

हेडलबर्ग में स्थित जर्मन कैंसर रिसर्च सेंटर का कहना है कि इस शोध के परिणाम ये बताते है कि जैसे-जैसे उम्र बढ़ती है ख़तरा बढ़ जाता है.

उनका सुझाव है कि डॉक्टरों को महिलाओं के गर्भपात का रिकॉर्ड रखना चाहिए ताकि उससे ये पता लगाने में आसानी होगी कि उम्र के मध्य तक आते आते या उसके बाद उसे हदय रोग हो सकता है. जिन 2,876 महिलाओं का गर्भपात हुआ था उनमें से 82 महिलाओं को पिछले दस सालों में दिल का दौरा पड़ा.

संदेह

कुछ विशेषज्ञों ने गर्भपात और दिल का दौरे के बीच के संबंध पर संशय जताया है.

कैंब्रिज़ यूनिवर्सिटी में प्रोफ़ेसर गॉर्डन स्मिथ का कहना है कि अन्य अध्ययन बताते हैं कि उन महिलाओं को हृदय रोग का ख़तरा ज़्यादा होता है जिन्हें गर्भधारण करने में दिक्कत होती है.

उनका कहना था कि इसके पीछे क्या कारण है उसे पूरी तरह से समझ पाना मुश्किल है. लेकिन ये संभव है कि दोनों के कुछ सामान ख़तरे हो सकते हैं.

ब्रिटिश हॉर्ट फ़ॉउडेशन की प्रवक्ता का कहना है कि इस शोध से किसी निर्णय पर पहुँचना कठिन है. उनका कहना था कि ये अध्ययन बेशक दिलचस्प है लेकिन ये हदय रोग के ख़तरे को साबित करने वाला कोई विस्तृत प्रमाण नहीं देता.

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