कैमरा बनेगा तीसरी आँख

कैमरा
Image caption प्रोफ़ेसर वफ़ा बिलाल के सिर के पीछे एक छोटा सा कैमरा सर्जरी के ज़रिए लगाया जाएगा

क्या कभी आपके मन में ये विचार आया है कि आपके पीछे जो कुछ हो रहा है वो आप देख पाते?

शायद आया भी हो. लेकिन न्यूयॉर्क स्थित कला विभाग के एक प्रोफ़ेसर - वफ़ा बिलाल ने इसे संभव करने जा रहे हैं.

प्रोफ़ेसर वफ़ा बिलाल अपने जीवन के हर पहलू को कैमरे में क़ैद करने के लिए अपने सिर के पीछे कैमरा लगवा रहे हैं.

यह एक परियोजना का भाग है और इस कैमरे से जो तस्वीरें ली जाएँगी उन्हें कतर के एक संग्रहालय में दिखाया जाएगा.

सिर के पीछे लगेगा कैमरा

प्रोफ़ेसर वफ़ा बिलाल अपने विवादास्पद काम के लिए भी जाने जाते हैं. लेकिन उनका ये काम उन्हें कला के क्षेत्र में नए मुक़ाम पर ले जाएगा.

प्रोफ़ेसर बिलाल के सिर के पीछे एक छोटा सा कैमरा सर्जरी के ज़रिए लगाया जाएगा जो काफ़ी पीड़ादायक होगा और ये कैमरा उनके सिर की खाल में लगाया जाएगा.

ये कैमरा अँगूठे के नाखून के बराबर होगा और इसकी चौड़ाई एक इंच से भी कम होगी. ये 24 घटें चालू रहेगा और एक साल तक काम करेगा.

Image caption बिलाल के अनुसार पहला असर तो यह हुआ कि रात्रिभोज के निमंत्रण बंद हो गए

ये कैमरा प्रोफ़ेसर बिलाल की जिंदगी के हर पहलू की तस्वीर खींचेगा.

इस कैमरे के ज़रिए जो भी तस्वीरें ली जाएँगी उन्हें न्यूयॉर्क से मध्यपूर्व के कतर में प्रसारित किया जाएगा. इसके बाद ये फ़ोटो कतर के न्यू अरब म्यूज़ियम ऑफ आर्ट में लगाई जाएँगी.

'द थर्ड आई'

इस संग्रहालय ने इस परियोजना का नाम 'द थर्ड आई ' दिया है और इस सप्ताहंत दोहा में इसका शानदार उद्धघाटन होगा.

प्रोफ़ेसर का कहना है कि इस परियोजना से कई सामाजिक, राजनीतिक और कलात्मक सवाल उठेंगे.

उनका कहना है इससे उनके जीवन पर तो कोई प्रभाव नहीं पड़ेगा लेकिन पीठ के बल सोने में उन्हें मुश्किल आएगी.

साथ ही उनके नीजि जीवन में दख़ल का भी सवाल उठ रहा है. वफ़ा बिलाल का कहना है कि इस परियोजना से पहला फ़र्क तो यह पड़ा है कि उन्हें रात्रिभोज के निमंत्रण आने बंद हो गए हैं.

उनका कहना है कि उनकी गर्ल फ्रैंड फ़िलहाल तो इस परियोजना का समर्थन कर रही हैं लेकिन जब उनकी फ़ोटोग्राफ़्स हज़ारों मील दूर एक संग्रहालय में दिखेंगी तो पता नहीं उनकी प्रतिक्रया क्या होगी.

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