हल्दी लगाएगी विस्फोटकों का पता

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Image caption विस्फोटकों का पता लगाने के लिए हल्दी का प्रयोग

भारतीय मसालों में प्रयोग की जाने वाली हल्दी वैसे तो खाने का ज़ायका बढ़ाने और कैंसर की दवा के तौर पर इस्तेमाल की जाती है लेकिन एक शोध से पता चला है कि हल्दी से विस्फोटकों का भी पता लगाया जा सकता है.

अमरीकन फिज़िकल सोसायटी में प्रस्तुत किए गए एक शोध के मुताबिक़ विस्फोटकों का पता लगाने के लिए हल्दी सस्ते डिटेक्टर के तौर पर काम कर सकती है और इसकी मदद से टीएनटी जैसे विस्फोटकों का भी आसानी से पता लगाया जा सकता है.

इसके लिए ‘फ्लोरेसेंस स्पेक्ट्रोस्कोपी’ तकनीक का इस्तेमाल किया जाता है जिसका संवेदन और विश्लेषण के कई क्षेत्रों में प्रयोग किया जाता है.

इसके तहत कुछ रसायनों को प्रकाशित करने पर उनसे दूसरे रंग की किरणें निकलती हैं जिससे उनके कणों में मौजूद गहरे रंग के पदार्थ चमक उठते हैं.

हल्दी में भी ये रासायनिक गुण पाए जाते हैं.

प्रकाश की युक्ति

मैसाचुसेट्स विश्वविद्यालय के अभिषेक कुमार और उनके सहकर्मियों ने कई मसालों में प्रकाश की चमक के ज़रिए विस्फोटकों का पता लगाने का प्रयोग किया है.

अभिषेक कुमार कहते हैं, ‘‘आम तौर पर हल्दी के जैविक गुणों पर ही ध्यान दिया जाता रहा है जैसे कि कैंसर और अल्ज़ाइमर्स के इलाज के लिए. लेकिन किसी ने इससे ऑप्टिकल उपकरण बनाने की संभावनाओं पर विचार नहीं किया.’’

वो बताते हैं कि अमरीकी विदेश मंत्रालय के अनुमान के मुताबिक पूरी दुनिया में करीब छह से सात करोड़ बारूदी सुरंग बिछाई गई हैं.

इतने बड़े पैमाने पर बिछी बारूदी सुरंगों का पता लगाने के लिए आसानी से ले जाए जाने योग्य, सस्ते और प्रयोग में सरल संवेदी उपकरण की ज़रूरत है और हल्दी इस दिशा में मददगार साबित हो सकती है.

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